रालोद का संगठन भंग, पार्टी को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश को 4 जोन और 10 क्षेत्रों में बांटा
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राष्ट्रीय लोकदल के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े फैसले हुए। प्रदेश व जिलाध्यक्षों को छोड़कर रालोद की प्रदेश, जिला इकाइयां व फ्रंटल संगठन भंग कर दिए गए हैं। रालोद ने प्रदेश को 4 जोन व 10 कार्य क्षेत्रों में बांटा है।
मंडल व जोनल पदाधिकारियों की मौजूदा व्यवस्था खत्म कर दी है। अब हर जोन का प्रभारी किसी राष्ट्रीय पदाधिकारी को बनाया जाएगा। ये सभी फैसले राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में हुई प्रदेश पदाधिकारियों, मंडल व जिला अध्यक्षों तथा फ्रंटल संगठनों की बैठक में हुए।
जयंत ने कहा कि संगठन को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए अब जोनल इकाइयों के बजाय 4 जोन, पश्चिमी, मध्य, बुंदेलखंड व पूर्वांचल रहेंगे। इसके अलावा 10 कार्य क्षेत्रों मेरठ, बृज, रुहेलखंड, अवध, कानपुर, तराई, बुंदेलखंड, प्रयाग, काशी व संत कबीरनगर में बांटा गया है।
संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि सदस्यता अभियान जिलाध्यक्षों की देख-रेख में चलेगा। इसके लिए गांव व बूथ स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला इकाइयों का गठन एक पखवाड़े में कर दिया जाएगा।
बैठक में जयंत समेत 20 लोगों को सक्रिय सदस्य बनाया गया। जयंत ने कहा कि सदस्यता अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। दिसंबर में चारों जोन का तीन दिनी प्रशिक्षण शिविर होगा। इनमें चौधरी अजित सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। शिविरों में महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉ. बीआर आंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद और चौधरी चरण सिंह के जीवन आदर्शों की जानकारी दी जाएगी।
अब महिलाएं भी बनेंगी जिलाध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि संगठन के ढांचे में बदलाव से बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूती मिलेगी। जयंत ने संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को कहा है। उन्हें संगठन में महत्व व पद दिए जाएंगे। अब महिलाओं को भी जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा।
ये होंगे 4 जोन
पश्चिमी, मध्य, बुंदेलखंड व पूर्वांचल।
जोनवार शामिल होंगे ये 10 क्षेत्र
- पश्चिमी जोन : मेरठ, बृज व रुहेलखंड क्षेत्र।
- मध्य जोन : अवध, कानपुर व तराई क्षेत्र।
- बुंदेलखंड जोन : बुंदेलखंड क्षेत्र।
- पूर्वांचल : प्रयाग, काशी व संतकबीरनगर क्षेत्र।