{"_id":"7ffa11e2bedf5cff83405f1d1c6f7fcf","slug":"rasheed-masood-s-son-gets-ticket-from-sp","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुलायम ने फेंका एक और मुस्लिम कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुलायम ने फेंका एक और मुस्लिम कार्ड
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 25 Jan 2014 02:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी ने सहारनपुर संसदीय सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के बेटे शादान मसूद पर दांव लगाया है।
विज्ञापन
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने शनिवार को इमरान मसूद की जगह शादान को पार्टी प्रत्याशी बनाने की घोषणा की।
सपा ने सहारनपुर सीट पर सबसे पहले आफताब आलम को प्रत्याशी बनाया था। 25 सितंबर को उनकी जगह पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद मसूद के भतीजे इमरान मसूद को प्रत्याशी बना दिया गया था।
काजी परिवार में पड़ गई फूट
हालांकि, आफताब और सपा का एक खेमा लगातार इस टिकट का विरोध कर रहा था लेकिन इमरान तभी से चुनावी तैयारियों में जुटे थे। इमरान के सपा में जाने से काजी परिवार में फूट पड़ गई है। काजी परिवार की विरासत को लेकर बेटे शादान और भतीजे इमरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक हुए थे।
विज्ञापन
एमबीबीएस घोटाले में जेल से बाहर आकर रशीद मसूद ने भी इमरान पर निशाना साधा था। सहारनपुर से पांच बार सांसद रहे रशीद मसूद ने हर हर साल में शादान को लोकसभा चुनाव लड़ाएंगे।
विज्ञापन
इस बीच राजनीतिक समीकरणों में अप्रत्याशित तौर पर बदलाव आ गया। रशीद मसूद के बेटे शादान को सपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिया।
तो क्या दूर हो गए मतभेद?
शादान को प्रत्याशी बनाए जाने पर राजनीतिक हल्कों में कई तरह की चर्चाएं रहीं। कहा जा रहा है कि काजी रशीद मसूद और मुलायम सिंह के मतभेद दूर हो गए हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर लाभ को देखते हुए सपा ने उनके बेटे को चुनाव मैदान में उतारा है।