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Lucknow News: सर्जरी करके निकाली सिर और कंधे के आरपार हुई ग्रिल

Sun, 17 Aug 2025 07:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Aug 2025 07:21 PM IST
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rare surgery at kgmu
केजीएमयू के डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे के सिर और कंधे के आरपार हुई ग्रिल निकाली
केजीएमयू में न्यूरोसर्जरी विभाग के डाॅक्टरों ने तीन साल के बच्चे के सिर और कंधे के आरपार हुई लोहे की ग्रिल निकालने में सफलता हासिल की है। बच्चा 20 फुट की ऊंचाई से सीधे लोहे की रेलिंग पर गिर गया था। इसकी वजह से रेलिंग की सरिया उसके कंधे और सिर के आरपार हो गई थी।
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केजीएमयू में न्यूरोसर्जरी के विभाग अध्यक्ष डॉ. बीके ओझा कि देखरेख मैं सर्जरी का नेतृत्व डॉ. अंकुर बजाज ने किया। डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि गोमतीनगर निवासी रजनीश कुमार का तीन साल का बच्चा कार्तिक 16 अगस्त शाम को करीब 20 फुट की ऊंचाई से ग्रिल पर गिर गया था। ग्रिल में लगे लोहे के भाले उसके सिर और कंधे के आरपार हो गए थे। बच्चे कीस्थिति देखकर उनके हाथ-पांव फूल गए। आसपास के लोगों की मदद से ग्रिल काटकर वे बच्चे को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां इसका खर्च करीब 15 लाख रुपये बताया गया। इसके बाद वे रात में करीब 11:45 बजे बच्चे को लोहे की ग्रिल के साथ ही किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। रात में ही डाॅ. अंकुर बजाज ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। एक्सरे करके स्थिति का जायजा लिया गया। इसके बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। सुबह करीब पांच बजे शुरू हुआ ऑपरेशन करीब साढ़े तीन घंटे चला। अब बच्चे की हालतस्थिर है और डॉ. संजीव वर्मा की टीम की देखरेख में वेंटिलेटर पर है। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. कुशवाहा और डॉ. मयंक सचान की टीम तथा ट्रॉमा सर्जरी विभाग की डॉ. अनीता ने सहयोग दिया। ऑपरेशन में न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. सौरभ रैना, डॉ. जेसन और डॉ. बसु की सक्रिय भूमिका रही। केजीएमयू कुलपति पद्मश्री प्रो. सोनिया नित्यानंद और प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने पूरी टीम को सराहना की है।
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सिर की हड्डी काटकर निकाली गई सरिया
डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि लोहे की ग्रिल निकालने के लिए सिर के दोनों तरफ हड्डी काटी गई। इस तरह से सरिया बाहर निकल सकी। इसके साथ ही कंधे की सरिया भी बाहर निकाली गई।
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ये थीं बड़ी चुनाैतियां-  
पहली चुनौती: एक ही ग्रिल के दो हिस्से सिर और कंधे में धंसे हुए थे, इसलिए सिर में धंसी ग्रिल काटने का प्रयास किया गया, लेकिन चिंगारी निकलने की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका। इसके लिए रात में विशेषज्ञ भी बुलाए गए।

दूसरी चुनौती: बच्चे का एक्सरे किया गया था, डाॅक्टर स्पष्ट स्थिति के लिए सीटी स्कैन कराना चाह रहे थे, लेकिन लोहे की ग्रिल होने की वजह से बच्चे को मशीन में नहीं लिटाया जा  सकता था।


तीसरी चुनौती: ग्रिल सिर और कंधे के आरपार थी, इसलिए बच्चे को एक स्थिति में ऑपरेशन टेबल पर लिटाना संभव नहीं था। ऐसे में ऑपरेशन के दाैरान बार-बार बच्चे की स्थिति बदली गई।
 

केजीएमयू के डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे के सिर और कंधे के आरपार हुई ग्रिल निकाली

केजीएमयू के डॉक्टरों ने तीन साल के बच्चे के सिर और कंधे के आरपार हुई ग्रिल निकाली

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