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अयोध्या: श्रीराम वनगमन के प्रथम विश्राम स्थल पर श्रीराम स्तंभ स्थापित, प्रतिमा की होगी प्राण प्रतिष्ठा
Tue, 13 Oct 2026 06:30 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, गौराघाट (अयोध्या)
अमर उजाला नेटवर्क, गौराघाट (अयोध्या)
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 13 Oct 2026 06:30 PM IST
सार
श्रीराम और माता सीता की प्रतिमा स्थापना के बाद जहां शुभ मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार है, वहीं श्रीराम स्तंभ भी स्थापित कर दिया गया है। यह स्थान श्रीराम वनगमन के प्रथम विश्राम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
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तमसा तट के रामचौरा गौराघाट पर स्थापित श्रीराम स्तंभ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
वनवास के दौरान श्रीराम के प्रथम रात्रि विश्राम की साक्षी रही तमसा तट की तपोभूमि रामचौरा गौराघाट का स्वरूप बदल गया है। पर्यटन विभाग ने ढाई करोड़ रुपये की लागत से मंदिर और पूरे परिसर का सुंदरीकरण कराया है। श्रीराम और माता सीता की प्रतिमा स्थापना के बाद जहां शुभ मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार है, वहीं श्रीराम स्तंभ भी स्थापित कर दिया गया है।
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निर्माण में लगे कारीगरों ने बताया कि बाउंड्रीवॉल की पेंटिंग और मुख्य द्वार पर लाल पत्थर की फिनिशिंग का काम अगले सात दिनों में पूरा हो जाएगा। सिंघल फाउंडेशन की ओर से यहां श्रीराम स्तंभ स्थापित किया जा चुका है। गयासपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामभारत यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से कराए जा रहे सुंदरीकरण के पहले चरण में 1.19 करोड़ रुपये से घाट की सीढ़ियां, छतरी और मुख्य स्थलों को लाल पत्थर से सजाया गया।
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दूसरे चरण में 1.09 करोड़ रुपये से मंदिर का निर्माण हुआ। बताते हैं कि अयोध्या से निकलने के बाद श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने तमसा किनारे वटवृक्ष के नीचे पहली रात विश्राम किया था। इस स्थल को 40 साल बाद नया जीवन मिला है।
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पूर्व प्रधान प्रतिनिधि ब्रह्मादीन निषाद ने सुरक्षा के लिए गेट को जरूरी बताया, क्योंकि उन्हें आवारा पशुओं और धूल की समस्या की आशंका है। रामचौरा घाट के कायाकल्प के लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। इसमें यात्री विश्राम स्थल, स्नान गृह, शौचालय और स्नान योग्य बांध बनाने की योजना भी शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, दीपोत्सव पर यहां भव्य दीपदान की योजना है।