फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   rape victim died

दुष्कर्म पीड़िता की १८ दिन बाद मौत

Tue, 24 May 2022 01:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 01:54 AM IST
विज्ञापन
rape victim died
जिंदगी के लिए 18 दिन चला संघर्ष, दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने तोड़ा दम
विज्ञापन

लखनऊ। 18 दिनों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करती 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता किशोरी सोमवार को जिंदगी की जंग हार गई। राजधानी के दुबग्गा इलाके में कक्षा आठ की छात्रा से युवक ने पांच मई को युवक ने दुष्कर्म किया था। इस दौरान उसके साथियों ने वीडियो बनाया था। आरोप है कि चार दिन से हो रहे रक्तस्राव के बावजूद उसे क्वीनमेरी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके पहले उसे काकोरी सीएचसी से बलरामपुर अस्पताल और वहां से क्वीनमेरी भेजा गया था। वहीं, पुलिस पर भी परिवार को आरोप है कि काकोरी सीएचसी में भर्ती रहने के दौरान वहां पहुंचे दुबग्गा थाने के दरोगा ने छह मई को धमकाकर पीड़िता से गंभीर हालत के बावजूद तहरीर पर दस्तखत करवाए थे। बेटी की मौत से नाराज परिवारीजनों ने उसका शव रखकर प्रदर्शन किया।
मृतका की मां का आरोप है, मेरी बेटी पांच मई को कोचिंग से पढ़कर घर वापस आ रही थी। रास्ते में रुककर वह अपनी छोटी बहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोपी प्रियांशु दो अन्य युवकों के साथ पहुंचा। तीनों उसे जबरदस्ती खींचकर खाली प्लॉट में ले गए। वहां प्रियांशु ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बेटी की तबियत खराब हुई तो उसे लेकर काकोरी सीएचसी गए। वहां डॉक्टराें ने पुलिस को सूचना देने को कहा। थाने से एक दरोगा पहुंचे जो बेटी के गंभीर हालत में होने के बावजूद तहरीर लिखवाने लगे। जब आपत्ति की तो दरोगा ने धमकी दी। मैंने तहरीर पर दस्तखत नहीं किए। इसके बाद बेटी से जबरदस्ती दस्तखत कराए गए। जब हम अपनी तहरीर देने गए तो दरोगा व थाने के पुलिसकर्मियों ने भगा दिया। मां के मुताबिक, हालत गंभीर देख काकोरी सीएचसी से डॉक्टरों ने बेटी को बलरामपुर अस्पताल भेजा था। वहां कुछ देर तक डॉक्टरों ने रोके रखा। इसके बाद क्वीनमेरी अस्पताल भेज दिया। क्वीनमेरी में किशोरी का इलाज शुरू हुआ। चार दिन तक उसे रक्तस्राव होता रहा। इसके बावजूद बेटी को अस्पताल से छुट्टी देने का दबाव बनाया जाता रहा तो मैंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत की। उप मुख्यमंत्री की फटकार के बावजूद 14 मई को उसे क्वीनमेरी से जबरन छुट्टी दे दी गई। 15 मई को फिर तबीयत खराब हुई, तो भर्ती कराया गया। फिर वापस शाम को घर ले आए। 19 मई तक घर पर थी, उसी दिन मजिस्ट्रेट ने बयान लिया। 20 तारीख को तबीयत बिगड़ी। 21 को शनिवार को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई।
विज्ञापन

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कराया शांत
किशोरी की सोमवार सुबह मौत के बाद नाराज परिवारीजनों ने दुबग्गा के आईआईएम रोड पावर हाउस चौराहे पर शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। परिवारीजनों का आरोप है कि वारदात में प्रियांशु के साथ दो और युवक शामिल थे जिनको पुलिस बचा रही है। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक दुबग्गा ने परिवारीजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मां के आरोप: शिकायत करने पर काकोरी थाने के पुलिसकर्मियों ने की मारपीट
मृतका की मां का आरोप है, वारदात की सूचना देने के लिए पहले परिवारीजन काकोरी थाने गए। वहां से आरोपियों को भी सूचना दे दी गई। वहां एक प्रधान व कई दबंग किस्म के लोग पहुंचे जो लगातार धमकी दे रहे थे। वे मामले को दबाने में जुटे थे। वे दबाव बना रहे थे कि मेरी बेटी आरोपी से शादी के लिए राजी हो जाए। जब विरोध किया तो उन सबने हमारे परिवारीजनों को धमकाया। परिवार की हत्या तक की धमकी दी। पुलिस से शिकायत करने पर काकोरी में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने हमारे परिवारीजनों के साथ मारपीट की।
उप मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी किया जबरन डिस्चार्ज
बेटी के मां के मुताबिक, क्वीनमेरी अस्पताल से जब चिकित्सक जबरदस्ती छुट्टी देने लगे तो इसकी शिकायत मैंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को फटकार भी लगाई थी। फिर भी 14 मई को जबरदस्ती छुट्टी दे दी गई। इसके बाद फिर से किशोरी की हालत बिगड़ गई थी।
वीडियो वायरल करने का आरोप
आरोप है कि प्रियांशु जब किशोरी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान उसके दो करीबी दोस्त वीडियो बना रहे थे। परिवारीजनों के मुताबिक, जो वीडियो वारदात के समय बनाए गए थे, उसे गांव में कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस बात की जानकारी होने पर हमारा पूरा परिवार सदमें में था। हालांकि, पुलिस ने वीडियो बनाने व वीडियो वायरल होने की पुष्टि नहीं की है।
केजीएमयू की सफाई : गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थी बच्ची, चल रहा था डायलिसिस
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि रेप पीड़िता बच्ची गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। इसकी वजह से उसकी डायलिसिस भी चल रही थी। रेप के बाद बच्ची को किसी प्रकार की इंटरनल इंजरी नहीं थी। इसी वजह से अगले दिन उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। गुर्दे से संबंधित समस्या होने पर उसे दोबारा भर्ती कराया गया था। उसके शरीर में ओवर फ्लुइड की समस्या होने लगी थी। इसकी वजह से उसके शरीर में जगह-जगह पानी भर गया था। इसी वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस की सफाई : केस दर्ज कर आरोपी को भेज दिया था जेल
प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रकाश सिंह के मुताबिक, टांडखेड़ा जेहटा गांव निवासी प्रियांशु यादव ने सोशल मीडिया के जरिये किशोरी से दोस्ती की थी। पांच मई को प्रियांशु ने किशोरी को मिलने के लिए आम्रपाली योजना में बुलाया जहां खाली प्लॉट में उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे पीटा। आरोपी किशोरी को वहीं छोड़कर भाग गया। 6 मई को किशोरी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस दौरान उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। मां के पूछने पर किशोरी ने पूरी बात बताई। 6 मई को ही दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कर लिया गया था। उसी दिन आरोपी प्रियांशु यादव को हिरासत में लेकर जेल भी भेज दिया गया। वहीं, किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिवारीजनाें ने दी नई तहरीर
सोमवार को पुलिस पर गंभीर आरोप परिजनों ने लगाया था। आरोप था कि दो अज्ञात लोगों के नाम मुकदमे में नहीं लिखा गया था। उनके खिलाफ मुकदमा लिखकर उन्हें पकड़ा जाए। इसपर परिवारीजनों नई तहरीर लिखकर दी है। तहरीर में लिखा गया है कि आरोपी के जेल जाने के बाद परिवारीजनों के मोबाइल पर लगातार धमकी के कॉल व मैसेज किए जा रहे हैं। इसमें दो ज्ञात सहित अज्ञात लोगों के नाम भी परिजनों ने लिखित दिए है। एसीपी काकोरी आशुतोष कुमार सिंह केमुताबिक पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर ही मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सोमवार देर शाम को दी गई तहरीर को विवेचना में शामिल कर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed