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Lucknow News: दुष्कर्म का आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
Tue, 16 Jun 2026 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:03 AM IST
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लखनऊ। एडीजे प्रशांत बिलगैया ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी मोनू उर्फ अनीश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वादिनी ने 2015 में आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एफआईआर के अनुसार, वादिनी 2015 में बरहा कॉलोनी में किराये पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। रेलवे क्वार्टर में किरायेदार हेमवती नंदनी सितंबर 2015 में प्रधानी का चुनाव लड़ने अपने गांव गई थी और उसे परिवार की देखरेख करने के लिए कहा था। आरोप था कि हेमवती के बेटे मोनू ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। बाद में मोनू और उसकी मां ने धोखे से गर्भपात करवा दिया।
कोर्ट ने पाया कि वादिनी के बयानों में विरोधाभास था। उसने अपनी रिपोर्ट, कलमबंद बयान और कोर्ट में अलग-अलग बातें कहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वादिनी ने अन्य लोगों के खिलाफ ऐसे ही मामले दर्ज कराए हैं। उन मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो चुके हैं। एक मामले में वादिनी के खिलाफ झूठा साक्ष्य देने के लिए आपराधिक कार्रवाई का आदेश भी हुआ है।
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एफआईआर के अनुसार, वादिनी 2015 में बरहा कॉलोनी में किराये पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। रेलवे क्वार्टर में किरायेदार हेमवती नंदनी सितंबर 2015 में प्रधानी का चुनाव लड़ने अपने गांव गई थी और उसे परिवार की देखरेख करने के लिए कहा था। आरोप था कि हेमवती के बेटे मोनू ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। बाद में मोनू और उसकी मां ने धोखे से गर्भपात करवा दिया।
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कोर्ट ने पाया कि वादिनी के बयानों में विरोधाभास था। उसने अपनी रिपोर्ट, कलमबंद बयान और कोर्ट में अलग-अलग बातें कहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वादिनी ने अन्य लोगों के खिलाफ ऐसे ही मामले दर्ज कराए हैं। उन मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो चुके हैं। एक मामले में वादिनी के खिलाफ झूठा साक्ष्य देने के लिए आपराधिक कार्रवाई का आदेश भी हुआ है।
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