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UP: फीकी हुई रामगोपाल की पत्नी की पहली दिवाली, टूटे अरमान, बहराइच हिंसा में गोली मारकर हुई थी हत्या

Mon, 28 Oct 2024 07:47 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, महसी (बहराइच)
संवाद न्यूज एजेंसी, महसी (बहराइच) Published by: ishwar ashish Updated Mon, 28 Oct 2024 07:47 PM IST
सार

Bahraich Violence: रोली ने अपने पति रामगोपाल मिश्रा के साथ दिवाली मनाने के लिए सपने संजोये थे लेकिन बहराइच हिंसा में हत्यारोपियों ने उसकी जिंदगी में अंधेरा भर दिया।

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Ramgopal's wife's first Diwali faded, dreams broken, he was shot dead in Bahraich violence
बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा (फाइल फोटो) व उसकी पत्नी रोली। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बहराइच के महराजगंज कस्बे में प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए रामगोपाल मिश्रा के बर्बरतापूर्ण हत्याकांड ने उनके पूरे परिवार की दीपावली की खुशियां छीन ली हैं। सबसे ज्यादा सदमा रामगोपाल की पत्नी रोली को लगा है। जिसने पहली दीपावली को लेकर कई सपने संजोए थे और पति के साथ दीपावली मनाने का ख्वाब देखा था। रामगोपाल मिश्रा का पूरा परिवार घटना क्रम को उनके खुशियों की हत्या बता रहा है।

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महसी तहसील के रेहुवा मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा की कुछ माह पहले ही रोली के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद बूढ़े मां-बाप समेत पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। सभी ने पहली दीपावली पर नए नवेले वैवाहिक जोड़े के साथ खुशियां साझा करने की तैयारी की थी। पत्नी रोली सबसे ज्यादा उत्साहित थी। वह ससुराल में पति व सास-ससुर के साथ पहली दीपावली मनाने के लिए पहले से ही नए-नए तरीके सोच रही थी, लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था।
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बूढ़े मां-बाप रामगोपाल से पहले तीन बेटे-बेटी व बहू की देख चुके हैं अर्थी
निष्ठुर नियति ने एक बूढ़े दंपत्ति 69 वर्षीय कैलाश नाथ मिश्रा व 64 वर्षीय मुन्नी देवी पर पहली बार दुख नहीं डाला है। दंपत्ति का दुखों से पुराना नाता रहा है। तीन बेटियां व चार बेटे के पिता कैलाश नाथ पर दुख-दर्द ने पहली दस्तक साल 1985 में दी थी। जब उनका बड़ा बेटा राम मिलन 10 वर्ष की आयु में तालाब में डूब गया था। इसके बाद साल 1987 में बड़ी बेटी सुमन की शादी की और 1996 में दूसरी बेटी किरन की हैदरगढ़ में शादी की, लेकिन चार साल बाद बेटी ने आत्महत्या कर ली। साल 2015 में दूसरे बेटे शिव मिलन की पत्नी रागिनी देवी ने घर में आग लगाकर जान दे दी। बहू की मौत से गम में डूबे उनके बेटे शिव मिलन ने साल 2017 में विषाक्त खाकर जान दे दी।

महराजगंज में हालात सामान्य
हिंसा प्रभावित महराजगंज कस्बे में हालात सामान्य है। यहां बाजार खुली है और लोग खरीदारी भी कर रहे है। हालांकि अभी पूर्व की तरह चहल-पहल नहीं हो रही है। वहीं एहतियात के तौर पर यहां पर पुलिस बल की भी तैनाती की गई है।

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