मायावती दलितों का हित चाहती हैं तो भाजपा के साथ आएं: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले
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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अगर मायावती दलितों का हित चाहती हैं तो उन्हें भाजपा के साथ आना चाहिए। वह भाजपा को जातिवादी पार्टी कहती हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि वह भाजपा के सहयोग से ही तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बनीं। जब सीएम बनना था तो भाजपा जातिवादी नहीं थी और अब जातिवादी हो गई। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा-रालोद व कांग्रेस के भी गठबंधन में शामिल होने से कुछ असर पड़ने वाला नहीं है।
अठावले लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैंने लोकसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की थी कि अगर दो से तीन सीटें हमारी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को दे दी जाएं तो हम प्रदेश में दलित वोटों का 50-50 फीसदी बंटवारा कर देंगे। जिसका भाजपा को सीधा फायदा होगा लेकिन बात नहीं बनी।
वहीं, गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले का अठावले ने स्वागत किया और कहा कि मोदी सरकार ने ये ऐतिहासिक फैसला किया है। ममता बनर्जी की कोलकाता रैली पर अठावले ने कहा कि उनकी रैली काफी बड़ी थी लेकिन सभी विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ही भाषण दिया। ये दिखाता है कि मोदी विरोधी डरे हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी एक बहादुर नेता हैं। वह जनहित से जुड़े अच्छे निर्णय लेने वाले हैं।
'राममंदिर के साथ ही बौद्घ मंदिर बने अयोध्या में'
रामदास अठावले ने कांग्रेस द्वारा राम मंदिर निर्माण की बात कहने पर जवाब दिया कि कांग्रेस राममंदिर के साथ-साथ मस्जिद भी अपने एजेंडे में लेकर आएगी। अगर कांग्रेस राममंदिर को अपने एजेंडे में शामिल करती हैं तो भी विश्व हिंदू परिषद को कांग्रेस का समर्थन नहीं करना चाहिए। अठावले ने ये भी कहा कि राममंदिर के साथ-साथ अगर अयोध्या में बौद्घ मंदिर का निर्माण हो तो और बेहतर रहेगा।
अठावले ने मायावती पर भाजपा नेता की अभद्र टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह एक महिला हैं और किसी भी महिला का सम्मान होना चाहिए। इस तरह की टिप्पणी करने से दलित वोटों का झुकाव और ज्यादा बसपा की तरफ होगा।
अठावले ने बाबा साहेब की 128 फीट की ऊंची प्रतिमा बंगाल में लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में दामोदर वैली का नाम बदलकर बाबा साहेब के नाम पर कर देना चाहिए।
बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने पर अठावले ने कहा कि अब इसका समय नहीं है। हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं। बैलेट से जीतकर भी हम दिखा चुके हैं।