Ramayan Conclave: अयोध्या से हुई रामायण कॉन्क्लेव की शुरुआत, दुनिया के कई देशों में होंगे आयोजन, ये है तैयारी
अयोध्या में रामायण कॉन्क्लेव का शुभारंभ हो गया है। इस बार इसका आयोजन विदेश में भी किया जाएगा। कॉन्क्लेव का आयोजन राम वन गमन मार्ग के चार स्थलों समेत छह प्रदेश के साथ देश के 10 स्थानों पर किया जाएगा।
विस्तार
श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन हुआ। इस बार अयोध्या ही नहीं विदेश तक रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। राम वन गमन मार्ग के चार स्थलों समेत छह प्रदेश के साथ देश के 10 स्थानों पर रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन होगा। इसके अलावा श्रीलंका और नेपाल में भी रामायण कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। आम जन को रामायण और राम से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग की ओर से किया जा रहा है। रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन सोमवार को हुआ। मंगलवार को भी अयोध्या में रामायण कॉन्क्लेव होगा। इसमें तमाम सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। रामायण कॉन्क्लेव का पहली बार विदेश में आयोजन होने जा रहा है। भारत के छह राज्यों में 10 स्थानों पर रामायण का उद्घाटन होगा। इसमें मुख्य रूप से चार स्थान वो होंगे, जिस मार्ग से भगवान श्रीराम वन गए थे।
अंतरराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग के साथ मिलकर करता है। कॉन्क्लेव शब्द विश्व को आकर्षित करता है। इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है। पहली बार देश के बाहर रामायण कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार श्रीलंका और नेपाल दो जगह रामायण कांक्लेव का आयोजन किया जा रहा है। अगले वर्ष कई अन्य देशों में रामायण कॉन्क्लेव के आयोजन की तैयारी है।
यह आयोजन राम वन गमन के स्थान पर किया जा रहा है जिसमें अयोध्या, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, रामटेक, किष्किंधा पर्वत, रामेश्वरम, इसके बाद श्रीलंका में जहां सीता जी पंचवटी में थीं, उस जगह और बिहार और जम्मू में रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया जाएगा। प्रयास है कि जिस जगह पर भगवान श्रीराम से जुड़े हुए आयोजन नहीं होते उन जगहों पर भी हम भगवान की महिमा का बखान कर सकें। रामायण कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य देश दुनिया को राम और रामायण से जोड़ने का है। राम की मर्यादा और राम के स्थान के प्रति पर्यटकों का आकर्षण पैदा करना है।
अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव का उद्घाटन सरयू के तट पर हुआ है और रामायण कॉन्क्लेव की शुरुआत देश के 10 प्रदेशों में हो रही है। इसका उद्देश्य प्रभु श्री राम के जीवन और रामचरित मानस से लोगों को जोड़ने का प्रयास है। विविध आयोजनों के जरिए देश में छुपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का काम किया जा रहा है। निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए भगवान श्रीराम से युवाओं को जोड़ने का प्रयास हो रहा है।
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