राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी अविनाश के भाई का नोटों की गड्डियों संग Video, 'पैसा का पूजा होत' लगाया सॉन्ग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी के भाई का नोटों की गड्डियों के साथ बनाया गया पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में भोजपुरी गीत का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, इस वीडियो का चोरी प्रकरण से कोई आधिकारिक संबंध या पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है।
विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ल के भाई अमित शुक्ल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अमित शुक्ल हाथों में नोटों की गड्डियां लिए रील बनाते नजर आ रहा है। रील के बैकग्राउंड में भोजपुरी गीत "पैसा का पूजा होत, पैसा बा भगवान हो" भी इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह रील अगस्त 2025 में बनाई और सोशल मीडिया पर अपलोड की गई थी, लेकिन अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद इसे बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अमित शुक्ल भी कुछ समय तक अयोध्या में रहता था।
आरोपी अविनाश की 48 घंटे की कस्टडी मांग
राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर रिमांड अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा।
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने रिमांड अर्जी में कहा है कि मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए आरोपी से 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ आवश्यक है।
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए आरोपी अविनाश शुक्ला ने अदालत को बताया कि उसकी ओर से कोई अधिवक्ता नहीं है। उसने अपना पक्ष रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर अदालत ने प्राधिकरण के सचिव को अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया और रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी।
अब नजर अदालत के फैसले पर है। यदि पुलिस रिमांड मंजूर होती है तो जांच एजेंसी आरोपी से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की धनराशि, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। इसके बाद कुछ अन्य बरामदगी भी हो सकती है। वहीं, चोरी में शामिल अन्य नए चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।
'दोषियों को किसी हाल में बख्शेंगे नहीं'
दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं।
इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। आरोपियों से जेल में पूछताछ की जा रही है। वहीं, उनके ठिकानों पर भी छापेमारी भी की जा रही है। मामले में अभी तक 80 लाख रुपये तक की बरामदगी का दावा किया गया है।जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी अविनाश शुक्ला के कमरे से एक संदूक बरामद किया है जिस पर 'रामराज्य कोष' लिखा हुआ है और इस पर पेटीएम का QR कोड भी लगा हुआ है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यहां पर मौजूद श्याम साधनालय की योगाचार्य सीमा तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि अविनाश शुक्ला पिछले करीब डेढ़ वर्ष से अयोध्या में रह रहे थे और राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों में कार्यरत थे। उनके अनुसार, अविनाश का परिचय योग गुरु डॉ. चैतन्य और उनके भाई अभिषेक के माध्यम से हुआ था।