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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT को जांच रिपोर्ट सौंपे हुए दो दिन, अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई, आज हो सकता है फैसला

Thu, 25 Jun 2026 06:50 AM IST
रोहित मिश्र सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 25 Jun 2026 06:50 AM IST
सार

Ram Mandir offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनी एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी थी लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई किसी पर नहीं की गई। 

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Ram Temple offering theft: Two days after the SIT submitted its investigation report, no action has been taken
राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे 48 घंटे का समय बीत चुका है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अभी भी मामले में संलिप्त लोगों पर केस दर्ज नहीं किया गया है। अंदेशा है कि शासन पीएमओ के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। जो निर्देश वहां से मिलेंगे उसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। देखना होगा कि एसआईटी रिपोर्ट पर क्या, कितनी और किस पर कार्रवाई की जाती है।

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एसआईटी छह दिनाें तक तफ्तीश के बाद बीते शनिवार को वापस लौटी थी। उसके बाद प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की। मंगलवार सुबह अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन से लेकर चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तक की सिफारिश की गई है। इसके अलावा सुरक्षा व निगरानी तंत्र को बेहतर करने समेत तमाम सुधारों की भी संस्तुति की गई है। लेकिन हैरानी है कि रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। इसलिए सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों? जो एफआईआर घटना उजागर होने के तुरंत बाद होनी चाहिए थी वह अब तक क्यों नहीं की जा रही है।
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कौन नपेगा, कौन बचेगा...मंथन जारी
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है। आपराधिक संलिप्तता वालों को दोषी बनाने के साथ-साथ लापरवाही बरतने व मिलीभगत करने वालों की भी भूमिका लिखी है। इसलिए अब इस बात पर मंथन हो रहा है कि किस पर कार्रवाई होनी है और किसको बचाना है। गणनाकर्मियों व टिन्नू यादव जैसे अहम लोगों पर एफआईआर लिखना तय है लेकिन जो बड़े नाम हैं, उन पर क्या और कैसे कार्रवाई की जानी है, इस पर लंबा विचार चल रहा है।

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तीन नाम हर तरफ चर्चा में

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा व निर्माण सहायक गोपाल राव का नाम हर तरफ चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सबसे अधिक तीनों पर आरोप लग रहे हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से किसी का कोई बयान नहीं आया है। उधर मंगलवार को अयोध्या में हुए कार्यक्रम में चंपत राय व मंदिर प्रबंधन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने शिरकत की। चर्चा है कि बड़े जिम्मेदारों पर शायद कार्रवाई नहीं की जाएगी।

जल्द अयोध्या जाएगी एसआईटी
एसआईटी ने प्रारंभिक जांच छह दिन में पूरी की थी। विस्तृत जांच जारी है। सूत्राें के मुताबिक एसआईटी बृहस्पतिवार को मामले को लेकर अपनी एक बैठक करेगी। उसके बाद शुक्रवार को वह दोबारा सभी सदस्य अयोध्या जा सकते हैं। अगले दो सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट एसआईटी शासन को सौंपेगी।

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