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जनम लियो रघुरइया, अवध मा बाजे बधइया : राम जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 लाख श्रद्धालुओं ने किया दर्शन-पूजन

Sun, 10 Apr 2022 09:00 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Sun, 10 Apr 2022 09:00 PM IST
सार

रामनवमी पर अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। लाखों की संख्या में श्रद्घालु रामनगरी पहुंचे और सरयू में स्नान कर दर्शन पूजन कर रहे हैं।

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Ram Navami celebration in Ayodhya.
कनक भवन व राम जन्मभूमि स्थल का दृश्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

श्रद्धालुओं से पटी रामनगरी, सड़कों से लेकर गलियों में जय श्रीराम का जयघोष, मठ-मंदिरों में अनुष्ठानों की धूम। अवसर था रविवार को प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का। ब्रह्म मुहूर्त से ही रामनगरी की परिधि श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई। भक्तों के पग बिना रुके अपने आराध्य की चौखट पर पहुंचने के लिए तेजी से बढ़ते गए। प्रचंड धूप श्रद्धालुओं के धैर्य की परीक्षा लेती दिखी लेकिन आस्था के आगे समस्त दुश्वारियां बौनी साबित होती दिखीं। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद यह पहली रामनवमी थी जिसमें भक्तों को आने की छू्ट थी। भक्त भी पूरे उत्साह से अयोध्या पहुंचे तो भीड़ का पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक करीब 20 लाख भक्तों ने अयोध्या पहुंचकर श्रीराम जन्मोत्सव में भागीदारी की।

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रामनगरी में रविवार को श्रीराम जन्मोत्सव आस्था का शिखर निरूपित करने वाला रहा। पूरी अयोध्या राममय नजर आ रही थी। रामनगरी में जिधर देखो उधर श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिख रहे थे। जन्मोत्सव का मुख्य उत्सव श्रीराम लला व कनक भवन के दरबार में रहा। इसके अतिरिक्त रामनगरी के करीब 175 मंदिरों में एक साथ जन्मोत्सव की आरती हुई।
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जन्मोत्सव के मुख्य आकर्षण कनक भवन समेत नगरी के छोटे-बड़े हजारों मंदिरों के गर्भगृह में घंटों पूर्व से निष्पादित रामजन्म का कर्मकांड ठीक 12 बजे तब अभिव्यक्त हुआ। जब मंदिरों के कपाल खुले और भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला कौशल्या हितकारी...के साथ आरती शुरू हुई। श्रीराम जन्मोत्सव का प्रतिनिधि गीत जनम लियो रघुरइया अवध मा बाजे बधइया...भी गूंजने लगा।
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सर्वाधिक गहमागहमी वैष्णवों की प्रधानतम पीठ कनक भवन में रही। यहां पूर्वाह्न 11 बजे से ही भक्तों ने डेरा जमा दिया था। नाचते-गाते, झूमते-थिरकते भक्तों की आस्था देखते ही बन रही थी। जैसे-जैसे जन्म की घड़ी नजदीक आती गई भक्तों की बेसब्री भी बढ़ती गई। ठीक 12 बजे जैसे ही जन्मोत्सव की आरती शुरू हुई, ढोल, मंजीरा की थाप पर भक्त भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।

हरे रामा, रामा, रामा, हरे रामा...जैसे गीतों पर भक्त सुध-बुध खोकर भक्ति में लीन हो गए। आस्था का चरमोत्कर्ष अवर्णनीय रहा। प्रभु की एक झलक पाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के प्रांगण में तिल रखने की भी जगह नहीं थी। जो जहां था, वहीं रुक कर भगवान श्रीराम जन्म के उल्लास में गोता लगाता दिखा। गर्भगृह का पट खुलते ही सजीले-गर्वीले कनक बिहारी सरकार की मनमोहक छवि का दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

पावन सरयू में डुबकी लगाने की दिखी होड़

Ram Navami celebration in Ayodhya.
रामनवमी पर रामलला। - फोटो : amar ujala

अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाने का क्रम शुरू कर दिया था। सरयू में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं का रेला मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उन्मुख हो चला। सबसे पहले नागेश्वरनाथ में दर्शन-पूजन, अभिषेक किया उसके बाद सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा। यहां भारी भीड़ उमड़ी। सरयू घाट से लेकर मंदिरों की चौखट तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। प्रमुख मंदिरों कनकभवन, हनुमानगढ़ी आदि में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से शाम तक कतार लगी रही।

अभेद्य रही सुरक्षा, एसएसपी ने किया भक्तों का अभिनंदन
रामनगरी की सुरक्षा अभेद्य रही। एटीएस, आरएएफ, सीआरपीएफ, पीएसी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा को मुस्तैद दिखे। आईजी केपी सिंह, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश पांडेय, एसपी सिटी विजयपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी शनिवार रात से ही मेला क्षेत्र में कैंप किए रहे। एसएसपी ने रामलला के दर्शनमार्ग पर श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। हाथ जोड़कर कहा कि अयोध्या में आपका अभिनंदन है, आराम से दर्शन-पूजन कीजिए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। पूरे मेला क्षेत्र की ड्रोन व सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती रही।

घर-घर में जन्मे रघुनंदन, प्रमुख मंदिरों में दिखा उल्लास
रामजन्मोत्सव पर अयोध्या का वैभव देखते ही बना। पूरी अयोध्या अपने आराध्य के जन्मोत्सव को लेकर सजी-धजी थी। दोपहर 12 बजे रामनगरी के हर घर में भगवान रघुनंदन का जन्म हुआ। प्रमुख मंदिरों में जन्मोत्सव का जो उल्लास दिखा व अवर्णनीय रहा। रामजन्मोत्सव पर श्रीराम चरितमानस में वर्णित पंक्ति - गृह-गृह बाज बधाव सुभ प्रगटे सुषमा कंद। हरषवंत सब जहं तहं नगर नारि नर वृंद...। भी निरूपित होती दिखी। हजारों मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंजे। पटाखे फूटे, अबीर-गुलाल उड़ा। श्रद्धालु जन्म के क्षणों में डूबे नृत्य करते रहे। दशरथमहल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता में हुए जन्मोत्सव पर धनुषधारी भगवान के अलौकिक स्वरूप का दर्शन कर भक्त निहाल होते रहे। मणिरामदास की छावनी, श्रीराम वल्लभाकुंज, बावन मंदिर, सियाराम किला, लक्ष्मण किला, रंगमहल, जानकीघाट, हरिधामगोपाल पीठ, सहित अन्य मंदिरों में जन्मोत्सव पूरे शान से मनाया गया।

लौटने लगे श्रद्धालु, रेलवे-बस स्टेशन पर भीड़
 मुख्य पर्व के साथ संपन्न हुए चैत्र रामनवमी मेले के बाद रविवार शाम से श्रद्धालुओं की वापसी भी शुरू हो गई है। जन्मोत्सव का साक्षी बनने के बाद भक्तों का कारवां अपने गंतव्य को रवाना होता दिखा। इसके चलते रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर वापसी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। वहीं हाईवे पर साकेत पेट्रोल पंप के पास बनी पार्किंग व सड़क किनारे खड़ी हजारों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली भी श्रद्धालुओं को लेकर रवाना होती दिखीं।

दर्शन की नई व्यवस्था से परेशान दिखे श्रद्धालु
चैत्र रामनवमी मेले में लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को पग-पग पर प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से दो चार होना पड़ा। रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन को लेकर बनाई गई नई व्यवस्था ने श्रद्धालुओं को परेशान किया। स्थिति यह रही कि एक मंदिर में दर्शन के बाद दूसरे मंदिर पहुंचने में तीर्थयात्रियों को दो से ढाई किलोमीटर की दूरी का चक्कर लगाना पड़ा। पुलिस प्रशासन द्वार सरयू स्नान से लेकर प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, कनक भवन, रामलला में दर्शन के लिए की गई व्यवस्था दर्शनार्थियों के लिए मुसीबत बन गई। मार्ग के एक क्रम में स्थित इन मंदिरों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ी। कई श्रद्धालु अपनों से बिछुड़ते भी रहे।

महंत ने लगाई सरयू में 11 हजार एक डुबकियां
गुप्तारघाट पर एक साधु ने चैत्र रामनवमी पर्व पर सरयू नदी में 11 हजार एक बार डुबकी लगाई। इसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु व स्थानीय लोग मौजूद रहे। पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत चर्तुभुज दास उर्फ चंदा बाबा ने चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के महापर्व पर सरयू नदी में 11 हजार एक बार डुबकी लगाई। महाराज ने बताया की प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर बिना रुके ढाई घंटे तक हट योग के 12 प्रकार का स्नान किया। इसमें जल स्नान, वायु स्नान, भाप स्नान, केश स्नान, नाभि स्नान, कटि स्नान, औषधि स्नान, सूर्य स्नान व चंद्र स्नान शामिल हैं। रामनवमी पर्व पर इस स्नान का अलग ही महत्व है। इस अवसर पर रमापति दूबे, गिरीश सिंह, बाबा प्रभु दास, सुदामा दास, अवनीश पांडेय, सूरज कुमार, रीता देवी समेत अन्य मौजूद रहे।

नेपाल सहित देश के कोने-कोने से पहुंचे भक्त

Ram Navami celebration in Ayodhya.

श्रीराम जन्मोत्सव पर पड़ोसी देश नेपाल सहित दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, गुजरात, बिहार सहित उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 20 लाख भक्त रामजन्मोत्सव पर्व का हिस्सा बनने अयोध्या पहुंचे थे। इन भक्तों में राममंदिर निर्माण की लालसा अधिक थी तो बहुत सारे भक्त अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला का ठाठ-बाट देखकर निहाल हो उठे। रामजन्मोत्सव में शामिल होने के लिए झारखंड के रायपुर से भक्तों का जत्था दो दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गया था। इन श्रद्धालुओं के वस्त्र व मुकुट पर राम-राम अंकित था। यही नहीं कई ने चेहरों पर भी रामनाम गुदवा रखा था। ये छत्तीसगढ़ के आदिवासी थे।

रामजन्मोत्सव के एक दिन पहले ही इन भक्तों ने रामलला के दर्शन किये और रामलला के दरबार में नृत्य भी किया। नेपाल से आए भक्त संजय थापा भी रामलला के दर्शन कर निहाल थे। बोले हर कण में राम हैं। मध्यप्रदेश के भक्त रमेश चंद्र अग्रवाल बोले कि रामलला अब अस्थायी मंदिर में विराजमान हैं। ये देखकर मन प्रसन्न हो गया। कृष्णराव दांते ने कहा कि राम को किसी परिधि में नहीं बांधा जा सकता। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देखकर बहुत खुशी मिली है। दिल्ली के भक्त डॉ. रजनीश प्रताप शुक्ल बोले कि रामजन्मोत्सव के पर्व में पहली बार अयोध्या आया हूं। यहां के कण-कण में जो उल्लास दिखा है, उसके पीछे सिर्फ व सिर्फ राममंदिर निर्माण ही है।

127720 भक्तों ने लगाई रामलला के दरबार में हाजिरी
अयोध्या। राम जन्मोत्सव के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन कर अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा निवेदित की। भक्तों में रामलला के दर्शन का खासा उत्साह दिखा। जन्मोत्सव पर दोनों पारियों में 127720 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। पहली पाली में 69020 तो वहीं दूसरी पाली में 58700 भक्तों ने रामलला के दर्शन किए।

घर बैठे राम जन्मोत्सव के साक्षी बने करोड़ों भक्त
रामजन्मोत्सव पर पहली बार घर बैठे करोड़ों भक्त रामलला के दरबार से श्रीराम जन्मोत्सव का साक्षी बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से पहली बार लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। रामलला के दरबार से दूरदर्शन व एएनआई द्वारा पूर्वाह्न 11:30 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक लाइव प्रसारण किया गया। ऐसे में वो भक्त जो किसी वजह से अयोध्या नहीं पहुंच सके थे उन्हें घर बैठे ही रामजन्मोत्सव का सजीव प्रसारण देखने को मिल गया। प्रशासन का कहना है कि करोड़ों लोगों ने विभिन्न माध्यमों से पहली बार रामजन्मभूमि से रामजन्मोत्सव की भव्यता देखी है।

दूरदर्शन की ओर से पूर्वाह्न 11:30 बजे से भए प्रकट कृपाला...कार्यक्रम के अंतर्गत लाइव प्रसारण शुरू हुआ जो डेढ़ घंटे तक चलता रहा। खासकर बुजुर्ग भक्त, महिलाएं व कई संत जो रामलला के दरबार तक नहीं पहुंच पाए वे अपने-अपने स्थानों से अपने आराध्य के जन्मोत्सव की भव्यता देखकर भावविभोर दिखे।

जगद्गुरु परमहंसाचार्य भी रामजन्मभूमि नहीं पहुंच सके थे। बोले कि हमने दूरदर्शन पर जन्मोत्सव कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। अस्थायी मंदिर में जन्मोत्सव की जिस तरह से भव्यता दिखी उससे सहज यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेंगे तब उनका जन्मोत्सव रामचरित मानस की उस पंक्ति को साकार करता दिखेगा, जिसमें उन्होंने लिखा है कि जेहि दिन राम जनम श्रुति गावहिं, तीरथ सकल तहां चलि आवहिं..।
डॉ. सुनीता शास्त्री भी सजीव प्रसारण देखकर निहाल थीं। बोलीं कि हमारे राम की अद्भुत छवि है। ऐसा लगा मानो उनके साक्षात दर्शन हो गए। सदियों बाद ही सही पर जन्मोत्सव की भव्यता निहाल करने वाली थी। 75 वर्षीय जयसिंह चौहान ने भी घर बैठे रामलला के दरबार से श्रीराम जन्मोत्सव का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। कहा कि श्रीराम का जन्मोत्सव त्रेतायुग के लिए मंगलकारी तो था ही, हर युग के लिए मंगलकारी साबित हुआ है। राम सबके हैं, राम सब में हैं। प्रशासन को साधुवाद है कि उन्होंने सजीव प्रसारण की व्यवस्था की।

चंपत राय ने दी जन्मोत्सव की बधाई
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया के जरिए संपूर्ण देशवासियों को जन्मोत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम माने गए हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यवहार की मर्यादा उन्होंने स्थापित की। राम ने कभी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया, अनुशासन का पालन किया। उनका यह व्यवहार ही श्रीराम को सदा सर्वदा के लिए पूज्य बना गया। प्रभु श्रीराम के जीवन से हम अपने निजी जीवन के सुख के लिए सूत्र खोज सकते हैं। समाज का सुख भी उसी में निहित है। हम सब राम जैसा बनने की कोशिश करें, यही मंगल कामना है। उन्होंने बताया कि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भी ट्विटर हैंडल पर जन्मोत्सव के लाइव प्रसारण का लिंक भेजा गया जिसे कुछ ही घंटों में करीब 30 हजार लोगों ने देखा।

सदियों बाद गूंजी बधइयां, रामलला को लगा छप्पन भोग

Ram Navami celebration in Ayodhya.

राम जन्मोत्सव पर रविवार को श्रीराम जन्मभूमि की भव्यता ने भक्तों को निहाल कर दिया। सदियों बाद यह पहला अवसर था जब रामलला के दरबार में जन्मोत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। भजन-कीर्तन, स्तुति वंदन के बीच सबकी निगाहें घड़ी की सुइयों पर थीं। ज्यों-ज्यों घड़ी की सुइयां 12 की ओर बढ़ रही थी, त्यों-त्यों आतुरता और भी बढ़ती जा रही थी। रत्नजड़ित पीले वस्त्र में सजे-धजे, सोने का मुकुट धारण किए हुए रामलला सहित चारों भाईयों की मनमोहक छवि का दर्शन कर भक्त मंत्रमुग्ध होते रहे। भगवान को पहली बार जन्मोत्सव पर छप्पन भोग भी लगाया गया।

नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकलपच्छ अभिजित हरिप्रीता। मध्य दिवस अति सीत न घामा, पावन काल लोक विश्रामा। सुर समूह विनती करि पहुंचे निज-निज धाम, जगनिवास प्रभु प्रकटे अखिल लोक विश्राम...स्तुति तक पहुंचते-पहुंचते पूरे 12 बज चुके थे। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मंदिर के कपाट खोले तो घंटा-घड़ियाल बजने के साथ ही भक्तों ने भए प्रकट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी...का सामूहिक गान शुरू कर दिया।

यह दृश्य रविवार को रामलला के दरबार का था। फूलों से सजा भव्य गर्भगृह भक्तों को आनंदित कर रहा था। रामलला के दरबार में यह पहला जन्मोत्सव था जब सदियों बाद गीत-संगीत की महफिल सजी थी। इस पुण्य अवसर का साक्षी बनने के लिए राजनीतिज्ञ से लेकर प्रशासनिक अधिकारी, संत-धर्माचार्य व आम भक्त भी गर्भगृह के परिसर में मौजूद थे। जैसे ही जन्मोत्सव का कर्मकांड हुआ पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। अबीर गुलाल भी उड़ा।

जन्म की स्तुति के बाद जय-जय सुरनायक, जन सुख दायक प्रनतपाल भगवंता...व जयराम सदा सुखधाम हरे, रघुनायक सायक चाप धरे, भव बारन दारन सिंह प्रभो, गुन सागर नागर नाथ विभो...से प्रभु की स्तुति की गई। रत्नजड़ित पीले वस्त्र में सजे-धजे, सोने का मुकुट धारण किए हुए रामलला सहित चारों भाईयों की मनमोहक छवि का दर्शन कर भक्त मंत्रमुग्ध होते रहे। संत एमबीदास व अन्य कलाकारों ने बधइयां गाईं तो भक्त झूमने-नाचने लगे।

भगवान को पहली बार जन्मोत्सव पर छप्पन भोग भी लगाया गया। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि सबसे पहले रामलला का पंचामृत व दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद नवीन वस्त्र धारण कराकर सोने का मुकुट पहनाया गया। फिर छप्पन प्रकार के व्यंजनों व दो क्विंटल पंजीरी का भोग लगाकर आरती उतारी गई। सभी भक्तों को जन्मोत्सव का प्रसाद बांटा गया।

इस दौरान सांसद लल्लू सिंह, विहिप के वरिष्ठ सदस्य दिनेश चंद्र, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, महंत बलरामदास, एडीएम सिटी सलिल पटेल, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय, उपनिदेशक सूचना मुरलीधर सिंह सहित अन्य भक्त मौजूद रहे।

रामलला का प्रसाद पाकर तृप्त हुए भक्त
रामजन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न प्रांतों से अयोध्या पहुंचे भक्त रामलला का भोग प्रसाद पाकर तृप्त हुए। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला के दर्शनार्थियों के लिए निशुल्क भोग प्रसाद वितरण की व्यवस्था 03 अप्रैल से संचालित है। जो चैत्र पूर्णिमा तक जारी रहेगी। रामजन्मोत्सव पर्व पर कई हजार भक्तों को रामलला का भोग प्रसाद निशुल्क प्रदान किया गया।

मैजिक शो ने श्रद्धालुओं को किया रोमांचित
अयोध्या। चैत्र रामनवमी मेले के अवसर पर भक्तों के मनोरंजन के लिए जगह-जगह सांस्कृतिक मंच भी सजाए गए थे। 09 अप्रैल की रात अयोध्या शोध संस्थान द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के मशहूर जादूगर राकेश श्रीवास्तव ने अपने जादू के करतब दिखाते हुए सभी को अचंभित कर दिया। आजादी के अमृत महोत्सव पर आधारित रोमांचक कार्यक्रम में लंबे तिरंग झंडे पर वीर शहीदों की झांकी प्रस्तुति कर पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। हवा में उड़ाते नर कंकाल, हंसने-हंसाने के अनेक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में जादूगर राकेश ने अपना लोकप्रिय कार्यक्रम हम सब एक हैं बड़ी ही खूबसूरती से प्रस्तुत कर भरपूर तालियां बटोरी। संवाद

हाईवे पर लगा जाम, घंटों जूझे लोग

Ram Navami celebration in Ayodhya.
अयोध्या में रामनवमी पर लाखों भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा तो हाईवे पर रूट डायवर्जन कर दिया गया। बावजूद इसके जाम के हालात पैदा हो गये। ऐसी दशा में पुलिस ने भारी वाहनों को साइड लेन पर खड़ा कराने के साथ रांग साइड से छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया। घंटो की मशक्कत के बाद हालत सामान्य हुए। भीषण गर्मी व तेज धूप में फंसे लोगों को काफी परेशानी हुई।

लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर रामनवमी को लेकर एक दिन पहले शनिवार की शाम से ही भारी वाहनों को अयोध्या की ओर जाने से रोकते हुए रूट डायवर्जन किया गया था। इसके बावजूद रविवार को अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ देख प्रशासन हरकत में आ गया। अयोध्या की सीमा से सटे रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हाईवे के साथ ही भिटरिया व हैदरगढ़ मार्ग पर जाम के हालात पैदा हो गये।

ऐसे हालात में पुलिस ने भारी वाहनों को साइड लेन पर खड़ा कराना शुरू कर दिया। कई किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। इस पर पुलिस ने दिलोना मोड़ से मोहम्मदपुर चौराहे तक रांग साइड से छोटे वाहनों का आवागमन शुरू कराया। इसके बाद जाम से राहत मिली। भीषण गर्मी व धूम में फंसे लोग जाम से बेहाल हो गये। बताते हैं कि अयोध्या की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बाराबंकी से ही बहराइच की ओर मोड़ दिया गया था लेकिन कुछ वाहन हैदरगढ़ व दरियाबाद की ओर से आ गये। इसी के चलते जाम की स्थिति पैदा हुई। प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि वाहनों के रूट डायवर्जन को लेकर कुछ दिक्कतें आई थीं। इससे कुछ वाहन जाम में फंसे गये थे। हालांकि भारी वाहनों को हटवाकर जाम खुलवा दिया गया।
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