फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ayodhya Ram Mandir News: Ram Mandir Map approval from Ayodhya Development Authority latest update in hindi

राम मंदिर के नक्शे को मिली प्राधिकरण की मंजूरी, सर्वसम्मति से हुआ पास, डेवलपमेंट शुल्क 2 करोड़ 11लाख

Wed, 02 Sep 2020 08:14 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क,अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क,अयोध्या Published by: प्राची प्रियम Updated Wed, 02 Sep 2020 08:14 PM IST
विज्ञापन
Ayodhya Ram Mandir News: Ram Mandir Map approval from Ayodhya Development Authority latest update in hindi
अयोध्या राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन

श्रीरामजन्मभूमि परिसर में 2.46 एकड़ भूभाग पर रामलला का भव्य तीन मंजिला मंदिर बनाने का नक्शा बुधवार को पास हो गया। इसका संपूर्ण परिसर 67.73 एकड़ का होगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड ने 2 करोड़ 26 लाख 33 हजार 547 रुपये का शुल्क तय किया, जिसे श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने सचिव के पास जमा भी कर दिया है।

पूरे मंदिर परिसर का कुल क्षेत्रफल 2 लाख 74 हजार 110 वर्गमीटर है। इसमें 12 हजार 789 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया में तीन मंजिला मुख्य मंदिर होगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण की 76वीं बोर्ड की बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई। अतिरिक्त प्रस्ताव के रूप में शामिल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर व परिसर के नक्शे पर 15 विभागों के पदेन सदस्यों ने अपनी सहमति प्रदान की। साथ ही निर्धारित नौ एनओसी का वेरिफिकेशन भी किया। नक्शा दो ले-आउट में प्रस्तुत हुआ था, जिसमें पहला नक्शा पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर का था, जिसका क्षेत्रफल 2 लाख 74 हजार 110 वर्ग मीटर यानी 67.73 एकड़ है। इसमें ग्रीनरी के साथ सड़कें, पार्किंग व अन्य प्रस्ताव शामिल है।

विज्ञापन


दूसरा ले-आउट 2.46 एकड़ में बनने वाले श्रीराम के मंदिर का है। इसका कुल कवर्ड एरिया 12 हजार 789 वर्ग मीटर है, जो तीन मंजिला होगा। प्रथम तल का कुल क्षेत्रफल 9 हजार 972 वर्ग मीटर, दूसरा तल 1 हजार 850 वर्ग मीटर व तीसरा तल 1 हजार 56 वर्ग मीटर का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में कवर्ड एरिया पर विकास शुल्क, विकास अनुज्ञा शुल्क, भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क व लेबर सेस पर अंतिम मुहर लगी। बोर्ड की बैठक में सभी शुल्कों को जोड़कर 2 करोड़ 26 लाख 33 हजार 574 रुपये नक्शा पास कराने के लिए निर्धारित किया गया। इसमें 15 लाख 363 रुपये लेबर सेस के रूप में है। बैठक प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई है। बैठक में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. नीरज शुक्ला, सचिव रवींद्र प्रताप सिंह समेत 15 विभागों के पदेन सदस्य मौजूद रहे।

नक्शा पास करने में कुल शुल्क
विकास शुल्क 1 करोड़ 79 लाख 45 हजार 477
विकास अनुज्ञा शुल्क :  1 लाख 50 हजार
भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क : 64 हजार 400
पर्यवेक्षण शुल्क : 29 लाख 73 हजार 307
मानचित्र शुल्क : 65 हजार
लेबर सेस : 15 लाख 363 रुपये
कुल : 2 करोड़ 26 लाख 98 हजार 547

श्रीरामजन्मभूमि पर राममंदिर बनाने का नक्शा पास हो गया है। पूर्व में 28 अगस्त को प्राधिकरण कोष में जमा मानचित्र शुल्क 65 हजार रुपये घटाकर 2 करोड़ 11 लाख 33 हजार 184 रुपये का चेक प्राधिकरण कोष में जमा कर रसीद ले ली गई है। जबकि लेबर सेस की रकम 15 लाख 363 रुपये उ.प्र. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम डीडी बनवाकर भी प्राधिकरण सचिव रविद्र प्रताप सिंह को सौंप दी गई है।
डॉ. अनिल मिश्र, ट्रस्टी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या

अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में राममंदिर के नक्शे के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। राममंदिर परिसर 2 लाख 74 हजार 110 वर्ग मीटर का होगा। जबकि मुख्य मंदिर का कवर्ड एरिया 12 हजार 789 वर्ग मीटर है।
-एमपी अग्रवाल, मंडलायुक्त अयोध्या

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से दाखिल किए गए नक्शे पर 2 करोड़ 26 लाख 33 हजार 547 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें 15 लाख 363 रुपये लेबर सेस शामिल है। ट्रस्ट को शुल्क जमा करने के लिए लिखित जानकारी दे दी गई है।
-डॉ. नीरज शुक्ला, उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण



ट्रस्ट को विकास शुल्क के साथ-साथ अनुरक्षण शुल्क पर्यवेक्षण व लेबर सेस भी देना होगा। लगभग पांच करोड़ रुपए विकास शुल्क व अन्य शुल्क आने की उम्मीद है। इसमें निर्माण पर लगने वाला श्रमिक सेस भी शामिल है। 

ट्रस्ट की तरफ से जमा की जाने वाली यह शुल्क आयकर छूट के बाद की है। बोर्ड से मानचित्र की मंजूरी के बाद प्राधिकरण शुल्क जमा करने के लिए ट्रस्ट को पत्र जारी करेगा। ट्रस्ट उसी के बाद धनराशि जमा करेगा। धनराशि जमा होने के बाद ही प्राधिकरण स्वीकृत नक्शा ट्रस्ट को सौंपेगा।





ट्रस्ट को विकास शुल्क के साथ-साथ अनुरक्षण शुल्क पर्यवेक्षण व लेबर सेस भी देना होगा। लगभग पांच करोड़ रुपए विकास शुल्क व अन्य शुल्क आने की उम्मीद है। इसमें निर्माण पर लगने वाला श्रमिक सेस भी शामिल है। 

ट्रस्ट की तरफ से जमा की जाने वाली यह शुल्क आयकर छूट के बाद की है। बोर्ड से मानचित्र की मंजूरी के बाद प्राधिकरण शुल्क जमा करने के लिए ट्रस्ट को पत्र जारी करेगा। ट्रस्ट उसी के बाद धनराशि जमा करेगा। धनराशि जमा होने के बाद ही प्राधिकरण स्वीकृत नक्शा ट्रस्ट को सौंपेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed