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राम मंदिर चंदा चोरी: खुद हट सकते हैं ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी, गणना कर्मियों और टिन्नू पर कसेगा शिकंजा
Sat, 20 Jun 2026 07:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 20 Jun 2026 07:28 AM IST
सार
सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी तलब की है।
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राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राम मंदिर की दान राशि में हेरफेर के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीन प्रमुख पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं। वहीं, टिन्नू यादव समेत गणना करने वाले व रकम पार करने वाले कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है। इन पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा सकता है। इसे लेकर दिल्ली से निर्देश मिलने के संकेत हैं। हालांकि यह एसआईटी की जांच के दौरान होगा या फिर जांच पूरी होने के बाद यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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मामले में एक तरफ जहां शातिर चोरों ने रकम पार की और कुछ लोगों ने साथ देकर बंदरबांट किया। वहीं, दूसरी तरफ कई ऐसे जिम्मेदार हैं, जिनकी जिम्मेदारी गिनती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और किसी तरह की गड़बड़ी न होने देने की थी। इसलिए ये लोग भी हेरफेर के बड़े जिम्मेदार माने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से मिले अहम निर्देशों के तहत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत एक-दो अन्य पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं। निर्माण सहायक गोपाल राव का नाम भी इसमें शामिल हो सकता है।
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पदाधिकारियों के हटने पर यह कहा जा सकता है कि जिनकी लापरवाही रही वे हट गए हैं। इसके अलावा जिन संदिग्धों को पकड़ा गया है और जिन अन्य नामों की चर्चा सामने आ रही है, उन पर केस दर्ज किया जा सकता है। इसमें टिन्नू यादव भी शामिल हो सकता है। मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका भी बेहद संगीन है। लिहाजा उन पर भी कानूनी कार्रवाई संभव है। टीम ने प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा शुरू कर दी है। राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए करीब 800 कर्मी तैनात हैं। इनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट की ओर से नियुक्त हैं।
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सुरक्षा से जुड़े एक कर्मी का नाम आया सामने
सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी तलब की है। सुरक्षा से जुड़े एक कर्मी का नाम सामने आया है जो मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात है। इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। टीम पुराने कर्मियों की तैनाती की अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।