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राम मंदिर दान विवाद: अखिलेश बोले- अगर पुलिस दोषियों को नहीं ढूंढ पाई तो हम मदद करेंगे, साजिश की जड़ें पास में

Sun, 14 Jun 2026 10:17 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 14 Jun 2026 10:17 AM IST
सार

अयोध्या राम मंदिर चंदे विवाद पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि पुलिस दोषियों को नहीं खोज पा रही है तो हम मदद कर दें। 

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Ram Mandir Donation Row: Akhilesh Yadav Statement We Will Help Police Find Culprits Claims Conspiracy
अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या के राम मंदिर दान फंड में कथित गड़बड़ियों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राज्य सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल  के गठन के बाद, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा तंज कसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस साजिश की जड़ें ज्यादा दूर नहीं हैं, और अगर पुलिस दोषियों की पहचान करने में नाकाम रहती है, तो वे खुद इसमें मदद करने को तैयार हैं।

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साजिश की जड़ें पास ही हैं
अपने पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा, "इस साजिश की जड़ दूर नहीं है, इसलिए अगर सच सामने लाना है तो कार्रवाई करने के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।" उन्होंने आगे जोड़ा, "अगर पुलिस दोषियों की पहचान नहीं कर पाती है, तो हम मदद कर सकते हैं।" हालांकि, उन्होंने अपने इस बयान में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया कि उनका इशारा किसकी तरफ था।
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क्यों बैठी SIT जांच?
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब राम मंदिर की देखरेख करने वाले 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने खुद सरकार से एक निष्पक्ष जांच की मांग की। ट्रस्ट का कहना था कि सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर भ्रामक जानकारियां फैलाकर मंदिर की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
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ट्रस्ट का क्या है कहना?
इससे पहले अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के दान से करोड़ों रुपये गायब होने की खबरें आ रही हैं, जिस पर कोर्ट को खुद संज्ञान लेना चाहिए। इन आरोपों को खारिज करते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि मंदिर का आंतरिक ऑडिट (जांच) चल रहा है। भारतीय स्टेट बैंक और ट्रस्ट के अधिकारी समय-समय पर खातों की जांच करते हैं, और अभी तक गबन या हेरफेर का कोई भी सबूत सामने नहीं आया है।


भाजपा के भीतर से भी उठे सुर
यह मामला केवल विपक्ष तक ही सीमित नहीं रहा। पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी बयान दिया था कि वे दान राशि के दुरुपयोग के बारे में जानते हैं, हालांकि उन्होंने खुलकर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता रजनीश सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि ट्रस्ट की संपत्ति, बैंक खातों, खर्चों और जमीन के लेन-देन के ब्योरे को सार्वजनिक किया जाए।
 

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