राम मंदिर विवाद: चढ़ावे की रकम से खरीदी गई कार बरामद, अविनाश बोला- हर दिन लाखों पार किए
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। अविनाश ने चोरी में कई राज उगले और टिन्नू-सुभाष की भूमिका की पुष्टि की।
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चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस ने शुक्रवार को उसकी निशानदेही पर ब्रेजा कार बरामद की। ये कार अविनाश ने चढ़ावा चोरी की रकम से खरीदी थी। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। वहीं, पूछताछ में उसने एक बड़ा खुलासा किया है। उसने कहा कि सभी आरोपी मिलकर लगभग हर बार लाखों रुपये पार करते थे। ये सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। जब एक साल पहले उसने नौकरी ज्वाइन की, तब से वह भी इसमें शामिल हो गया था। पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे उसको जेल में दाखिल कराया।
पुलिस ने 26 जून को टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा था। फिर कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपियों से कोर्ट में जाकर पूछताछ की थी। उसके बाद अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लेने की अर्जी दी थी, जो मंजूर हो गई थी। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे पुलिस अविनाश को लेकर जेल से निकली थी। कई घंटे तक एसओजी कार्यालय में पूछताछ करने के बाद उसकी निशानदेही पर ब्रेजा कार बरामद की। पुलिस जांच में सामने आया कि चढ़ावा चोरी की रकम से अविनाश ने ये कार खरीदी थी। इसके पहले अविनाश के पास से 20.39 लाख रुपये, एक हजार डॉलर भी बरामद हो चुके हैं।
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इसलिए डर नहीं था, न रोक-टोक हुई
सूत्रों के मुताबिक, अविनाश ने बताया कि उसके साथ टिन्नू और सुभाष की मिलीभगत थी, इसलिए पकड़े जाने का डर नहीं था। टिन्नू कहता था कि कहीं कुछ नहीं होगा। फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे। बाकी यहां कोई पकड़ने वाला नहीं है। क्योंकि टिन्नू की ही जिम्मेदारी निगरानी की थी। अविनाश के मुताबिक, कभी भी उसको किसी भी सुरक्षाकर्मी या किसी अन्य ने टोका तक नहीं। इसलिए धड़ल्ले से रकम पार करता रहा।
रकम बराबर-बराबर बंटती थी, खूब काटी मलाई
सूत्रों ने बताया कि अविनाश का कहना था कि जो भी रकम सभी लोग मिलकर पार करते थे, वह बराबर हिस्सों में बांटी जाती थी। कभी-कभार कोई अधिक ले जाता था। हालांकि, टिन्नू इसमें दबाव भी बनाता था। अविनाश ने इसी रकम से कार खरीदी, गांव वाला घर बनाया और अपने साथ भाई को भी खूब पैसे दिए।
कई और आरोपियों की ली जा सकती है रिमांड
पुलिस को केस की विवेचना से संबंधित कई तथ्यों की जानकारी की जरूरत है। जो आरोपियों के जरिये ही मिल सकती है। सूत्र बताते हैं कि और रकम आदि भी बरामद हो सकी है। ऐसे में पुलिस अन्य आरोपियों में से कुछ को रिमांड पर ले सकती है। इसके लिए एक दो दिन में फिर कोर्ट में अर्जी दे सकती है।
किसके जरिये इंट्री हुई, तफ्तीश जारी
अविनाश शुक्ला की भर्ती की सिफारिश अनिल मिश्रा ने की थी, ऐसी चर्चा हैं। लेकिन वह किसी के जरिये अनिल मिश्रा तक पहुंचा था। अब ये पता किया जा रहा है कि बीच की कड़ी कौन है। क्योंकि अविनाश बैंक की तरफ से आउटसोर्सिंग पर रखा गया था। उसके लिए ट्रस्ट ने ही पैरवी की थी।