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Lucknow News: किसानों की मांगों पर अड़े राकेश टिकैत, बोले- वार्ता नहीं हुई तो निकालेंगे मार्च
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किसानों ने की महापंचायत।
लखनऊ। डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में शुक्रवार को आयोजित किसान मजदूर महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाया। संयुक्त गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन टिकैत ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उच्चस्तरीय अधिकारियों से सीधे वार्ता कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ठोस पहल नहीं हुई तो किसान मार्च निकालकर आंदोलन तेज करेंगे। मांगों का समाधान होने तक जिला मुख्यालयों पर धरने जारी रहेंगे।
महापंचायत में किसानों ने गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक करने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान जल्द कराने और देरी होने पर नियमानुसार ब्याज देने की मांग उठाई। धान खरीद व्यवस्था में सुधार के साथ भूमि अधिग्रहण के मामलों में उचित मुआवजा देने की मांग भी की। किसानों ने पुराने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय करने पर आपत्ति जताते हुए हाईवे, औद्योगिक गलियारों और अन्य विकास परियोजनाओं में जमीन का मूल्यांकन वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार करने की बात कही।
‘बात करा सकते हैं तो कराइए, नहीं तो साफ बता दीजिए’
महापंचायत के दौरान संयुक्त गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह मंच पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनकर उन्हें गन्ना आयुक्त व शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस पर टिकैत ने कहा कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल की संबंधित अधिकारियों से सीधे वार्ता कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ऐसा संभव नहीं है तो किसानों को साफ बता दिया जाए। उन्होंने दोहराया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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सरकार पर भी साधा निशाना
राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए धान, गन्ना, मंदिरों के चंदे और वोट से जुड़े मुद्दों पर चोरी के आरोप लगाए। वहीं, भाकियू युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
प्रदेशभर से पहुंचे किसान
महापंचायत में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार दोपहर से ही किसानों का लखनऊ पहुंचना शुरू हो गया था। शुक्रवार को मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बदायूं समेत कई जिलों से किसान और यूनियन कार्यकर्ता पहुंचे थे।
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महापंचायत में किसानों ने गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक करने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान जल्द कराने और देरी होने पर नियमानुसार ब्याज देने की मांग उठाई। धान खरीद व्यवस्था में सुधार के साथ भूमि अधिग्रहण के मामलों में उचित मुआवजा देने की मांग भी की। किसानों ने पुराने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय करने पर आपत्ति जताते हुए हाईवे, औद्योगिक गलियारों और अन्य विकास परियोजनाओं में जमीन का मूल्यांकन वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार करने की बात कही।
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‘बात करा सकते हैं तो कराइए, नहीं तो साफ बता दीजिए’
महापंचायत के दौरान संयुक्त गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह मंच पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनकर उन्हें गन्ना आयुक्त व शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस पर टिकैत ने कहा कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल की संबंधित अधिकारियों से सीधे वार्ता कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ऐसा संभव नहीं है तो किसानों को साफ बता दिया जाए। उन्होंने दोहराया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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सरकार पर भी साधा निशाना
राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए धान, गन्ना, मंदिरों के चंदे और वोट से जुड़े मुद्दों पर चोरी के आरोप लगाए। वहीं, भाकियू युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
प्रदेशभर से पहुंचे किसान
महापंचायत में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार दोपहर से ही किसानों का लखनऊ पहुंचना शुरू हो गया था। शुक्रवार को मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बदायूं समेत कई जिलों से किसान और यूनियन कार्यकर्ता पहुंचे थे।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।

किसानों ने की महापंचायत।