अब मोदी गुणगान करेगा अखिलेश का ये 'हमराही'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भले ही इसे राजनीति के नजरिये से न देखा जाए लेकिन सीधे तौर पर नुकसान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ही हुआ है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग को केंद्र में तैनाती मिल गई है। उन्हें सचिव दूरसंचार जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से वापस आने पर उन्हें कार्यमुक्त किए जाने की उम्मीद है।
1980 बैच के आईएएस गर्ग को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ता संभालने पर अप्रैल 2012 में अपने प्रमुख सचिव के रूप में तैनाती दी थी। वह कुछ दिन पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे थे।
प्रमुख पद के बावजूद नहीं थे संतुष्ट
ब्यूरोक्रेसी में शुरू से ही चर्चा रही है कि गर्ग मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव जैसे अहम पद पर होने के बावजूद यहां बहुत सहज नहीं थे।
इसी बीच बीते साल अक्तूबर में डीओपीटी ने भारत सरकार में सचिव पद के लिए गर्ग को इम्पैनल्ड किया था। उसके बाद से ही वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को सक्रिय हो गए थे।
मुख्यमंत्री सचिवालय में गर्ग के साथ 1990 बैच की आईएएस अनीता सिंह भी प्रमुख सचिव के रूप में पहले से कार्यरत हैं। गर्ग के कार्यमुक्त होने के बाद अनीता मुख्य भूमिका में आ जाएंगी।
पूर्व मुख्य सचिव को तैनाती का इंतजार
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश गर्ग तो केंद्र में तैनाती पा गए, लेकिन प्रदेश के मुख्य सचिव के पद से हटाए गए वरिष्ठ आईएएस जावेद उस्मानी डेढ़ माह से केंद्र अथवा प्रदेश में नई तैनाती का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद 31 मई को उस्मानी को हटाकर वेटिंग में डाल दिया था। उनके स्थान पर वरिष्ठ आईएएस आलोक रंजन को मुख्य सचिव बनाया था।
इसके बाद उस्मानी लंबी छुट्टी पर चले गए थे। बताया जाता है कि वह अब प्रदेश में तैनाती लेने के स्थान पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को प्रयासरत हैं। पर, अब तक कामयाबी न मिलने से उन्होंने अपनी छुट्टी बढ़वा ली है।