ACTION: अखिलेश ने अपनों पर ही गिरा दी गाज!
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नौकरशाही के शीर्ष पर एक अहम बदलाव में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश बहादुर तथा औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन को सरकार ने हटा दिया है। दोनों ही अफसर सपा सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।
प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद नोएडा में तैनाती दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर इन्हें नोएडा से हटाकर शासन में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब अचानक दोनों को हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। इनके स्थान पर फिलहाल किसी की तैनाती नहीं की गई है।
राकेश बहादुर पंचम तल यानी मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाया जाने का फैसला इस लिहाज से भी चौंकाने वाला है कि वह मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों के ही भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं की जिम्मेदारी उनके पास ही थी।
माना जा रहा है कि सपा प्रमुख की करीबी पंचम तल पर तैनात एक अन्य वरिष्ठ नौकरशाह से विवाद के चलते राकेश बहादुर को हटाया गया है। वहीं संजीव सरन को हटाने की वजह उनकी खराब परफार्मेंस बताई जा रही है।
सीएमओ से छह माह में ही बहादुर की विदाई
मुख्यमंत्री कार्यालय से राकेश बहादुर की विदाई की महज छह महीने में ही हो गई। आला नौकरशाह राकेश गर्ग के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद पिछले साल जुलाई में राकेश बहादुर को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया था।
मुलायम के भरोसेमंद होने की वजह से उन्हें पंचम तल पर लाया गया था लेकिन वह खुलकर काम नहीं कर पा रहे थे। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं को आगे बढ़ाने में भी वह बहुत प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे थे। उन्होंने हाल में मॉनीटरिंग शुरू ही की थी, लेकिन हरकत में आते ही उनकी पंचम तल से छुट्टी हो गई।
सुस्ती के चलते संजीव सरन को पिछले साल सितंबर में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमख सचिव के पद से हटा दिया गया था। राकेश बहादुर की तगड़ी पैरवी के बाद मुख्यमंत्री ने तीन महीने में परफार्मेंस सुधारने का अल्टीमेटम देते हुए उनका तबादला निरस्त कर दिया था।
राकेश बहादुर पर भारी पड़ी अनिता सिंह
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग बहुत अहम माना जाता है। देश-दुनिया के उद्यमियों से सीधा वास्ता व निवेश जुटाने की बड़ी जिम्मेदारी इस विभाग पर है। हाल ही में गुजरात में प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में यूपी पवेलियन का प्रचार तो खूब किया गया लेकिन दो दर्जन प्रवासी भी नहीं जुटाए जा सके थे।
ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री का गुजरात का दौरा रद्द हो जाने से मुख्यमंत्री इस हकीकत से रू-ब-रू तो नहीं हो सके लेकिन बाद में उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने संजीव सरन को हटाने का फैसला कर लिया। आज उनके ऊपर भी गाज गिर गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय में राकेश बहादुर के अलावा अनिता सिंह भी प्रमुख सचिव के पद पर तैनात हैं। अनिता सिंह की गिनती मुलायम के करीबी अफसरों में होती है। राकेश बहादुर के आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में नए से अफसरों के बीच काम का बंटवारा किया गया। व्यवस्था बनी कि अनिता सिंह राकेश बहादुर को रिपोर्ट करेंगी।
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के पास भेजी जाने वाली फाइलों को लेकर भी राकेश बहादुर व अनिता के बीच तालमेल नहीं बन पा रहा था। इसी के चलते अंतत: राकेश बहादुर को पंचम तल से हटा दिया गया।