यूपी में राज्यसभा चुनाव: सपा ने चला अप्रत्याशित सियासी दांव, चुनाव के पहले कॉर्पोरेट जगत को साधने की कोशिश
Rajya Sabha elections in UP: धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) में प्रोफेशनल कंसल्टेंट हैं और कई गैर सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक हैं।
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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को एक बड़ा और अप्रत्याशित सियासी दांव खेला। सपा ने कॉर्पोरेट जगत के जाने-माने चेहरे और रिलायंस समूह से जुड़े धनराज नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक गलियारों में सबको चौंका दिया है। वहीं, पार्टी के प्रमुख महासचिव व वरिष्ठ रणनीतिकार प्रो. रामगोपाल यादव पर पुनः विश्वास जताते हुए उन्हें भी मैदान में उतारा है। सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों प्रत्याशियों ने राजधानी के विधानभवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
अखिलेश यादव ने दो दिन पहले ही कह दिया था कि इस बार राज्यसभा चुनाव में सभी को हैरान कर देने वाला नाम देंगे। सपा के धनराज नाथवानी को संसद भेजने के इस फैसले को वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले देश के प्रमुख उद्योग घरानों के साथ संबंध मजबूत करने की रणनीति को विस्तार देने की कवायद माना जा रहा है।
नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथपत्र के अनुसार, धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) में प्रोफेशनल कंसल्टेंट हैं और कई गैर सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक हैं। वे मुंबई में अंधेरी वेस्ट के रहने वाले हैं। वे चार बार के राज्यसभा सांसद और (उपलब्ध जानकारी के अनुसार) रिलायंस समूह के कॉर्पोरेट अफेयर्स निदेशक परिमल नाथवानी के पुत्र हैं। परिमल नाथवानी को देश के शीर्ष उद्योगपति अंबानी परिवार का बेहद नजदीकी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। यहां बता दें कि परिमल नाथवानी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (एनडीए) के समर्थन से झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। वे एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जून 2026 में चुनाव जीते थे और चौथी बार राज्यसभा में पहुंचे।
कॉरपोरेट लॉ में एमबीए हैं धनराज नाथवानी
सूत्रों के अनुसार, 40 वर्षीय धनराज नाथवानी ने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से स्नातक की पढ़ाई की है। दिए गए शपथपत्र के अनुसार, वे कॉरपोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशन मैनेजमेंट में एमबीए हैं, जोकि दूरस्थ शिक्षा से हासिल किया है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। साल 2022 में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद उन्हें सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया था। कॉर्पोरेट और खेल जगत में गहरी पैठ रखने वाले नाथवानी की उम्मीदवारी से यूपी की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
वरिष्ठ रणनीतिकार प्रो. रामगोपाल को पुनः मौका
संख्या बल का गणित और भविष्य के संकेत
विधानसभा में विधायकों के मौजूदा संख्या बल के आधार पर समाजवादी पार्टी दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रो. रामगोपाल यादव के लंबे राजनीतिक अनुभव और धनराज परिमल नथवानी के कॉर्पोरेट प्रभाव का यह संयोजन सपा को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में नया संतुलन साधने में मदद करेगा।
प्रो. रामगोपाल यादव के बारे में
प्रो. रामगोपाल यादव छठी बार राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे। इससे पहले वे 5 बार (1992-1998, 1998-2004, 2008-2014, 2014-2020 और 2020-2026) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2004 में संभल से लोकसभा सांसद भी चुने गए।
373 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं धनराज
शपथपत्र में दिए गए ब्योरे के अनुसार, सपा के उम्मीदवार धनराज नाथवानी 373.26 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। इसमें पति-पत्नी व बच्चों की कुल चल संपत्ति 291.99 करोड़ रुपये है। कुल देनदारी (कर्ज) 3.19 करोड़ रुपये है। धनराज नाथवानी के खिलाफ किसी भी धारा में कोई केस न तो दर्ज है और न ही पहले कभी कोई केस दर्ज हुआ।