जानिए, यूपी को कैसे पोषण देंगे अखिलेश
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कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को राज्य सरकार ने नई धार दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य पोषण मिशन का शनिवार को शुभारंभ किया। सीएम ने कहा, कुपोषण से मां व बच्चों को निजात दिलाने के लिए अभियान में सभी का सहयोग जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने राज्य पोषण मिशन के विजन डॉक्यूमेंट और लोगो का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मिशन का शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि हमारे देश में प्रति एक हजार में 42 बच्चों की जन्म के एक साल के अंदर मृत्यु हो जाती है।
कुपोषण से बच्चे, मां व किशोरियां सबसे अधिक प्रभावित हैं। यूपी के पोषण मिशन की सिटीजन अलायंस समय-समय पर समीक्षा करेगा। दूसरे प्रदेशों के सफल अनुभवों को भी यूपी में साझा किया जाएगा।
यूनिसेफ के राष्ट्रीय प्रतिनिधि लुई जॉर्ज आरसीनॉल्ट ने प्रदेश में मिशन के माध्यम से बच्चों के कुपोषण की रोकथाम के लिए की जा रही पहल पर प्रदेश सरकार की पीठ थपथपाई।
पोषण विशेषज्ञ प्रो. लॉरेन्स हडॉड ने महाराष्ट्र पोषण मिशन की सफलता के अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, मंत्री राजेंद्र चौधरी, राज्यमंत्री वसीम अहमद, कैलाश चौरसिया, विधायक अनुराधा मिश्रा, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार आनंद कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राज्य पोषण मिशन पर एक नजर
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बना प्रदेश स्तर पर शासी निकाय मिशन के कामों की वार्षिक समीक्षा करेगा। कार्यकारी समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी है। यह समिति मिशन के कामों की हर तीन महीने में समीक्षा करेगी।
अनुश्रवण समिति प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग की अध्यक्षता में काम करेगी। इसमें कई और विभागों के अधिकारी भी सदस्य होंगे।
क्रियान्वयन समिति महानिदेशक राज्य पोषण मिशन की अध्यक्षता में बनेगी। शासी निकाय व कार्यकारी समिति के निर्देशों को पालन कराने की जिम्मेदारी इसी की है।
मिशन के उद्देश्य
मां व उसके तीन वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर निगरानी रखने का काम मिशन करेगा। स्वास्थ्य विभाग व समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) व अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करना ताकि प्रदेश में कुपोषण की दर कम की जा सके।
जानिए, कैसे काम करेगा राज्य पोषण मिशन
यह मिशन बच्चों में पोषण की स्थिति में सुधार के लिए मौजूदा योजनाओं व कार्यक्रमों को अमल में लाए जाने की स्थिति की समीक्षा करेगा।
आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर सुधार के लिए विभागों को सहयोग प्रदान करेगा। यह संस्था, सलाहकार, समन्वय व ज्ञान प्रबंधन का कार्य करेगा।
मिशन पोषण के क्षेत्र में काम करने वाले विभाग समन्वित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) व चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए सलाहकार निकाय के रूप में यह काम करेगा।
आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास, बेसिक शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायतीराज व अन्य विभागों के बीच अंतर क्षेत्रीय सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए मिशन तालमेल भी बनाएगा।
साथ ही पोषण से संबंधित योजनाओं के लिए एक निगरानी निकाय की तरह भी काम करेगा। विभागों को नई नीतियों को विकसित करने में भी मिशन मार्गदर्शन देगा।
अखिलेश बोले-यूपी जब काम करता है, तेजी से करता है
अखिलेश ने कहा कि यूपी जब किसी भी क्षेत्र में काम करता है तो वह बहुत तेजी से काम करता है। कई क्षेत्र इसके उदाहरण हैं, जिनमें हमने सबसे बाद में काम शुरू किया और हम सबसे आगे निकल गए।
प्रमुख सचिव आवास एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सदाकांत ने बताया कि मिशन को एनआरएचएम से पांच करोड़ रुपये मिल गए हैं।
28 पद भी मंजूर हो चुके हैं। शुरुआत में आउटसोर्स के जरिये ये पद भरे जाएंगे। किराए पर ऑफिस लेकर काम शुरू हो जाएगा।
कार्यक्रम में जानी-मानी गजल गायिका पीनाज मसानी ने उत्प्रेरक गीत ‘...ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के... ’ सुनाया।
उन्होंने यह गीत यूनिसेफ के लिए रिकॉर्ड किया है। पीनाज मसानी भी नीरजा चौधरी के सिटीजन अलायंस समूह से जुड़ी हुई हैं। इस समूह से ज्यादातर नए सांसद जुड़े हुए हैं।