अयोध्या में रामलला का मंदिर नहीं बल्कि राम के लिए राजभवन बनाएगी राजपूत करणी सेना
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राजपूत करणी सेना ने उत्तर प्रदेश में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारियां शुरू कर दी है। सोमवार को करणी सेना के संस्थापक व संरक्षक लोकेंद्र सिंह कलवी ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में चार मुद्दों पर अपनी लड़ाई लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं राजभवन बनाया जाएगा। भगवान राम मंदिर में नहीं राजभवन में पैदा हुए थे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया गया है जो कि विचाराधीन है।
कलवी ने कहा कि अयोध्या में राजभवन बनाने के साथ ही एससी-एसटी एक्ट कानून में संशोधन, आरक्षण के राजनीतिकरण और पर्यावरण सुरक्षा को मुद्दा बनाकर राजपूत करणी सेना अपनी लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि राजपूत करणी सेना एक गैरराजनीतिक संगठन है। इसलिए इस नाम पर कोई चुनाव नहीं लड़ेगा और न ही किसी को समर्थन देने की घोषणा की जाएगी अगर किसी पदाधिकारी को चुनाव लड़ना है तो वह पार्टी चुनने के लिए स्वतंत्र है।
कलवी ने आगे की योजना पर कहा कि हमने फैजाबाद में रामनवमी के दिन सम्मेलन करने की अनुमति मांगी है। अगर अनुमति मिली तो सम्मेलन होगा, अगर नहीं मिली तो आगे की तिथि तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम क्षत्रिय थे। इसलिए यह राजपूत समाज की जिम्मेदारी है कि वह अपने पूर्वज व आस्था के मद्देनजर राम के मुद्दे पर हस्तक्षेप करे और मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर समाज में वैमनस्य फैला रही सांप्रदायिक ताकतों से बचाए।
'भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को राजा दशरथ का महल खोजने की जिम्मेदारी सौंपे'
कलवी ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैँ कि वह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को राजा दशरथ का महल खोजने की जिम्मेदारी सौंपे। उन अवशेषों के आधार पर राजमहल को मूर्त रूप दिया जाएगा।
कलवी ने कहा कि वर्तमान एससी-एसटी एक्ट से एफआईआर होते ही गिरफ्तारी से व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों का हनन होता है जो ठीक नहीं है।
उन्होंने आरक्षण मुद्दे पर कहा कि आरक्षित को संरक्षण और उपेक्षित को आरक्षण पर राजपूत करणी सेना विश्वास करती है। वर्तमान आरक्षण के स्वरूप का विरोध करते हुए सेना मांग करती है कि सभी वर्गों व जातियों के वंचित, निर्बल व उपेक्षित को आरक्षण मिले।
उन्होंने गंगा सफाई अभियान के मुद्दे पर भी सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी पूर्व मेजर डॉ. हिमांशु, अवध प्रांत के प्रवक्ता व विधि सलाहकार आदित्य विक्रम शाही व कोऑर्डिनेटर शिवेंद्र शाही भी मौजूद थे।