साबरमती की तरह चमकेगी गोमती: राजनाथ
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यूपी के सीएम अखिलेश को गुजरात मॉडल से कितना भी परहेज क्यों न हो, पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी की अकेली नदी गोमती को गुजरात की साबरमती नदी के तर्ज पर विकसित करने का फैसला किया है।
राजनाथ सिंह और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को घोषणा की है कि गोमा के तटों पर गुजरात की साबरतमती नदी की तर्ज पर तट सुंदरीकरण किया जाएगा।
शहीद स्मारक से लेकर लामार्ट तक ये बड़ा प्रोजेक्ट लाया जाएगा। लोक अधिकार मंच की ओर से आयोजित गोमती संरक्षण अभियान के आगाज पर इस योजना की घोषणा कर दी गई है।
इसका डीपीआर बहुत जल्द ही तैयार कर के परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा पूरी परियोजना के तहत एक भी नाले का पानी गोमती में न गिरे इसकी व्यवस्था की जाएगी।
इस आयोजन के दौरान स्कूली बच्चों ने करीब दो किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला भी बनाई। बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। आयोजन होने के बाद राजनाथ ने प्रतीकात्मक तौर पर गोमा की सफाई भी की। इसके अलावा एनएसएस और एनसीसी के बच्चों ने भी गोमा के चार तटों पर सफाई अभियान चलाया।
पढ़िए, और क्या बोले उमा-राजनाथ
उमा भारती: बहुत ही सुंदर दिन है। लड़कियां दुर्गा मैया लग रही हैं। मंत्री बनने के बाद पता चला कि गोमती की दिक्कत क्या है। गंगा सेल का
प्रभारी राजनाथ जी ने बनाया गया है। तीन महीने में गंगा पर्यावण मंत्रालय से जल
संसाधन मंत्रालय में आ गए है। 10 साल का समय हिमयुग से देश से निकला। सभी
ने गंगा के लिए सहयोग किया है। साबरमती का
रिवर फ्रंट विकसित किया नरेन्द्र मोदी ने। वो अद्भुत है। जैसा साबरमती का
हुआ है वैसा गोमती में होगा। साबरमती का मूल पानी सूख गया था। नर्मदा का
पानी लाया गया है।
राजनाथ: लोकाधिकार मंच को बधाई है। मेरे बारे में बढ़ा-चढ़ा कर कहा गया है। गंगा के विभाग का मंत्री बनने की ख्वाहिश थी। जिन देशों की नदियां सूखती हैं, वो विकसित नहीं हो सकते। टेम्स में भी यही है। वहां का विकास होगा। हम भी विकसित बनायेंगे। अध्यात्मिक महाशक्ति भी बनाएंगे।
लाल जी टंडन: उमा जी गंगा पुत्री हैं। गोमती की दशा सुधरने की दिन आ गए हैं। अगर गोमती नहीं होगी तो हम नहीं होंगे।
40 फीसदी ट्रैफिक होगा कम
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में लखनऊ के चारों तरफ 800-900 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
आउटर रिंग रोड के लिए फील्ड सर्वे शुरू हो गया है। इसके बनने से लखनऊ में ट्रैफिक का 40 फीसदी दबाव कम हो जाएगा। एशिया स्तर का हॉस्पिटल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
राजनाथ सिंह सोमवार शाम इंदिरा नगर के रानी लक्ष्मीबाई स्कूल में लखनऊ पूरब विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि चुनाव में मैंने पूरी ईमानदारी से विकास कराने का वादा किया था। महीने भर बाद ही इस पर अमल शुरू कर दिया। आउटर रिंग बनाने का निर्णय हो चुका है। अब फील्ड सर्वे का काम चल रहा है।
इससे राजधानी में यातायात का दबाव कम होने से जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने इस योजना में राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई।
राजधानी को मिलेंगी कई सौगातें
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में जिन छह शहरों में विश्वस्तरीय स्टेशन बनेंगे, उनमें लखनऊ भी शामिल हैं। गोमती नगर में वर्ल्ड क्लास स्टेशन की घोषणा संसद में हो चुकी है। इसके सर्वे और डीपीआर में थोड़ा वक्त लगेगा।
यहां टैक्सटाइल क्लस्टर खुलेगा, नए उद्योगों को कई छूट दी जाएंगी, इससे नौजवानों को रोजगार मिलेगा। लखनऊ में मेट्रो रेल के लिए केंद्र सरकार ने सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र की योजनाओं के माध्यम से लखनऊ के विकास की भरसक कोशिश की जाएगी।