बराक ओबामा के दौरे के बाद क्या करेगा भारत, खुलासा!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आने से जिस तरह भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हुए हैं, उसी तरह हम अपने पड़ोसी मुल्कों से भी रिश्ते मजबूत करने के पक्ष में हैं।
चाहे वह चीन हो, पाकिस्तान हो या फिर श्रीलंका या अन्य देश। पड़ोसी मुल्कों के साथ जो भी सीमा विवाद हैं, उन्हें सुलझाने के लिए भारत तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से पहल की जा चुकी है। वह बुधवार को महाराजपुर स्थित आईटीबीपी 32वीं वाहिनी के नवनिर्मित भवन के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे।
गृहमंत्री ने कहा कि भारत, चीन-पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों से दोस्ती का रिश्ता रखना चाहता है। राजनाथ ने कहा कि देश के दुर्गम स्थानों पर तैनात जवानों को अपने परिवार से जुड़े रहने और बेहतर संचार प्रणाली को विकसित करने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। सीमाओं की सुरक्षा का ढांचा भी मजबूत किया जाएगा।
'दो देशों की दोस्ती तीसरे को नागवार नहीं'
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमाओं के लिए इजरायली सुरक्षा तकनीक अपनाई जाएगी। इसे प्रधानमंत्री ने सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। 3488 किमी लंबी भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बेहतर तरीके से निगरानी को सेना और आईटीबीपी की आवाजाही को और अधिक सुगम बनाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पर 37 सड़कें बनेंगी।
बेहतर संचार सुविधाओं के लिए 123 मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। बुधवार को कटौला, गौसपुर स्थित 18वीं बटालियन आईटीबीपी के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका सहित पड़ोसी देशों से भी बेहतर संबंध चाहता है जिसके लिए सरकार के हर राजनीतिक , कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
इसके लिए पड़ोसी देशों को भी सार्थक पहल करनी होगी। दो देशों के बीच की दोस्ती किसी भी तीसरे देश को नागवार नहीं गुजरनी चाहिए। गृहमंत्री ने फाफामऊ शांतिपुरम में 101 रैपिड एक्शन फोर्स के नवनिर्मित भवन, अस्पताल और अधिकारी मेस का लोकार्पण किया। यहां उन्होंने मीडिया कर्मियों के सवाल के जवाब में कहा कि सेना की तर्ज पर अर्द्धसैनिक बलों के अफसरों-जवानों को भी भत्ता दिया जाएगा। इस संबंध में वित्त मंत्रालय से लिखा-पढ़ी की जा रही है।