गृहमंत्री राजनाथ बोले, स्टार्टअप के बाद स्टैंडअप व स्केल इंडिया की बारी
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भारत उद्यम और व्यापार के क्षेत्र में स्टार्ट अप इंडिया के रूप में एक नई शुरुआत कर चुका है, अब स्टैंड अप और स्केल इंडिया की बारी है। भारत इस क्षेत्र में न सिर्फ नई शुरुआत करेगा, बल्कि अपने पैरों पर खड़ा होकर नई ऊंचाइयों को भी छुएगा।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन की 69वीं ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
गृहमंत्री ने कहा कि हमें निर्यात बढ़ाना होगा। इस समय विश्व के कुल निर्यात में हमारी भागीदारी 1.6 फीसदी है। इसे बढ़ाकर दो से 2.5 फीसदी करने का लक्ष्य है। हमारा आयात 640 बिलियन डॉलर का है, जबकि निर्यात केवल 531.5 बिलियन डॉलर।
हमें 118.5 बिलियन डॉलर का अंतर पूरा करना होगा। देश के जीडीपी में निर्माण क्षेत्र का योगदान सिर्फ 14 फीसदी है। इसे बढ़ाकर कम से कम 25 फीसदी करना होगा। यह काम स्टार्ट अप इंडिया के माध्यम से ही संभव हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल भारत में 52 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। यह विश्व के किसी देश में एक साल में सबसे बड़ा निवेश है। स्टार्टअप इंडिया को साकार करने के लिए उन्होंने मुद्रा बैंक जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं।
‘मेरे पास नहीं ब्लैक मनी’
कार्यक्रम के दौरान इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एमके सिंह ने संस्था के प्रशिक्षण केंद्र के लिए नोएडा में जमीन खरीदने की बात कही। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वित्तीय मदद मांगी। इस पर राजनाथ ने चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे पास ब्लैकमनी नहीं है। वे आखिर कैसे मदद कर सकते हैं।
छाया रहा काले धन का मुद्दा
कॉन्फ्रेंस का टॉपिक स्टार्टअप इंडिया की थीम पर था लेकिन, 500 और 1000 के नोट अचानक बंद करने की भी खूब चर्चा रही। देश भर से आए सदस्यों के बीच नोट बंद करने और काले धन का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा का विषय था। गृहमंत्री ने भी अपने भाषण में नोट बंद होने की वजह से भ्रष्टाचार खत्म होने की बात कही।
‘पाठ्यक्रम में बदलाव से संभव होगा स्टार्ट अप इंडिया’
इस मौके पर मालवीय सभागार में ‘स्टार्ट अप्स थ्रू अप्लीकेेशन, लर्निंग एंड कॅरिकुलम’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार हुई। इसमें लविवि के पूर्व प्रति कुलपति प्रो. एके सेनगुप्ता ने कहा कि स्टार्ट अप्स की शुरुआत के लिए हमें पाठ्यक्रम में बदलाव करना होगा।
हम जो पढ़ा रहे हैं, इंडस्ट्री में उसका उपयोग नहीं हो रहा है। यूजीसी या एआईसीटीई के पाठ्यक्रम में थ्योरी बहुत ज्यादा है, हमें प्रैक्टिकल नॉलेज को बढ़ावा देना चाहिए। पाठ्यक्रम तय करने में इंडस्ट्री के लोगों की भूमिका भी होनी चाहिए।
वही बता सकते हैं कि इंडस्ट्री को किस तरह के नॉलेज की जरूरत है। द एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स, लंदन की मार्केटिंग डायरेक्टर लूसिया रियल मार्टिन ने कहा कि स्टार्टअप्स की शुरुआत स्कूल स्तर से ही होती है। इसलिए हमें छोटी क्लास से ही स्टूडेंट्स को इसके लिए जागरूक करना चाहिए।
चंचल चटर्जी को प्रो. मनुभाई एम.शाह मेमोरियल अवार्ड
इस मौके पर चंचल चटर्जी को दो लाख रुपये का प्रो. मनुभाई एम.शाह मेमोरियल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन कॉमर्स एंड बिनजेस मैनेजमेंट दिया गया।
वहीं सौरभ शिवारे अवार्ड डॉ. नलिनी त्रिपाठी और डॉ. मधुसूदन कर्माकर को दिया गया। इस मौके पर चार कुलपतियों प्रो. जीसीआरजी जायसवाल, प्रो. श्रीसार कुलकर्णी, प्रो. परिमल व्यास और प्रो. पीयूष रंजन को सम्मानित किया गया।
लाइट एंड साउंड शो का आनंद
शाम को लाइट एंड साउंड के माध्यम से रामायण की प्रस्तुति ने अतिथियों को रोमांचित कर दिया। कॉमर्स विभाग की प्रो. मधुरिमा लाल ने इसकी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एसबी निमसे की पत्नी सुलभा निमसे मुख्य अतिथि थीं।