...और राजनाथ ने तोड़ दिया अटल का रिकॉर्ड
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत में उन्हीं का रिकॉर्ड मोदी की सुनामी के असर से टूट गया। राजनाथ सिंह की करीब पौने तीन लाख वोटों से भी अधिक की जीत लखनऊ लोकसभा नया रिकॉर्ड है।
इससे पहले सबसे बड़ी जीत अटल बिहारी वाजपेयी ने करीब 2.16 लाख वोटों से वर्ष 1998 में दर्ज की थी।
पूर्व पीएम का रिकॉर्ड टूटने में बीजेपी की लहर के साथ ही बढ़े हुए मतदान प्रतिशत का भी योगदान रहा।
1991 से बीजेपी की जीत का जो सिलसिला लखनऊ लोकसभा सीट पर शुरू हुआ, वह लगातार सातवें चुनाव में भी जारी रहा।
लखनऊ बना अभेद्य दुर्ग
पिछले चुनाव में बीजेपी के लालजी टंडन ने मात्र 41 हजार वोटों से जीत हासिल की थी। जबकि, राजनाथ सिंह के लिए जीत का वह अंतर इस बार छह गुने से भी ज्यादा हो गया। लखनऊ एक बार फिर से भाजपा का अभेद दुर्ग साबित हुआ।
जिसमें सेंध मारी के विरोधियों के सारे प्रयास धराशायी हो गए। भाजपा की जीत की शुरुआत 1991 के चुनाव में हुई थी। तब अटल बिहारी वाजपेयी ने कांग्रेस के रंजीत सिंह को करीब 1.18 लाख वोट से हरा कर जीत हासिल की थी।
1996 के चुनाव में अटल ने राजबब्बर को करीब 1.22 लाख वोटों के अंतर से हराया था। 1998 में जब बीजेपी की जबरदस्त लहर थी, तब अटल बिहारी बाजपेई ने सपा के मुजफ्फर अली को 2.16 लाख वोटों के अंतर से हरा कर एक रिकॉर्ड बना दिया था।
1999 में फिर से चुनाव हुए तब, कश्मीर के राजपरिवार से रहे कर्ण सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। उन्हें भी बाजपेई ने करीब 1.41 लाख वोटों के अंतर से पराजित कर दिया।
अब तक जीते उम्मीदवार
1951-स्वराजवती नेहरू-कांग्रेस
1953-विजयलक्ष्मी पंडित-कांग्रेस
1957-पुलिन बनर्जी-कांग्रेस
1962-बीके धवन-कांग्रेस
1967-आनंद नारायण मुल्ला-कांग्रेस
1971-शीला कौल-कांग्रेस
1977-हेमवतीनंदन बहुगुणा-कांग्रेस
1980-शीला कौल-कांग्रेस
1984-शीला कौल-कांग्रेस
1989-मान्धाता सिंह-जनता दल
1991-अटल बिहारी वाजपेयी-भाजपा
1996-अटल बिहारी वाजपेयी-भाजपा
1998-अटल बिहारी वाजपेयी-भाजपा
1999-अटल बिहारी वाजपेयी-भाजपा
2004-अटल बिहारी वाजपेयी-भाजपा
2009-लाल जी टंडन-भाजपा
2014-राजनाथ सिंह-भाजपा