हिंदुत्व के मुद्दे पर सरकार के अलग खिचड़ी पका रहे राजनाथ
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों भले ही अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण का कानून न बना पाने के लिए राज्यसभा में बहुमत न होने की मजबूरी बताई हो। पर, हिंदुत्व के मुद्दे पर वह विहिप के साथ कदमताल करते दिख रहे हैं।
वह 10 जून को यहां गांधी भवन सभागार में राजा सुहेल देव की स्मृति में आयोजित हिंदू विजयोत्सव समारोह में विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल के साथ मौजूद रहेंगे।
वर्ष 1034 में इसी दिन बहराइच के राजा सुहेल देव ने युद्ध में महमूद गजनवी के भांजे सालार मसूद का वध कर इस्लामी सेना को परास्त किया था।
पासी व राजभर राजा सुहेल देव को अपने समाज का बताते हैं। यह विजयोत्सव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विहिप द्वारा दलितों के भगवा स्वाभिमान को जगाने व छुआछूत मिटाने के अभियान का ही हिस्सा है।
संघ परिवार ने दलितों के बीच हिंदुत्व विरोधी शक्तियों का प्रभाव कम करने व ईसाई मिशनरियों सहित कुछ अन्य संगठनों की तरफ से चलाए जा रहे धर्मांतरण की साजिश को विफल करने के लिए ऐसे अभियान का तानाबाना बुना है। इसका मकसद इन जातियों में हिंदुत्व के प्रति स्वाभिमान जगाना है।
हिंदुत्व की रक्षा व धर्मांतरण विरोध होगा मुद्दा
वैसे तो समारोह का आयोजन महाराजा सुहेल देव जनसेवा संस्थान व सुहेल देव विजयोत्सव आयोजन समिति की तरफ से किया गया है लेकिन इसके आयोजन से लेकर तैयारी तक में कन्हैया लाल व जितेन्द्र चतुर्वेदी जैसे विहिप से जुड़े चेहरे ही सक्रिय हैं।
इस मौके पर एक पुस्तक भी छपवाई गई है। जिसे लोकहित प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। यह प्रकाशन भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा है।
वंचित समाज को याद दिलाएंगे इतिहास
विहिप के केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम नारायण सिंह के अनुसार, यह कार्यक्रम यह बताने के लिए है कि वंचित समाज (अति पिछड़े, दलित व वनवासी) के लोगों ने हिंदू समाज और हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए बहुत बलिदान दिए हैं।
दुर्भाग्य से आज की पीढ़ी ऐसे बहुत सारे लोगों के बारे में नहीं जानती। इतिहासकार भी तुष्टीकरण की राजनीति में इस सच्चाई को छिपा रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल वंचित समाज को बरगलाकर व कुछ लोगों की गलतियां उभारकर इसे हिंदुओं से काटकर अपना स्वार्थ साधने में जुटे हैं।
इसी नाते धर्मांतरण कराने वाले संगठन तेजी से पैर पसार रहे हैं। इस तरह के आयोजन से हम वंचित समाज के लोगों को हिंदुत्व की रक्षा के लिए उनके पूर्वजों के बलिदान का इतिहास याद दिलाएंगे।
ये तो सिर्फ शुरूआत है...
शुरुआत भले ही राजा सुहेल देव से हो रही है लेकिन निकट भविष्य में इस तरह के और आयोजन होंगे। साथ ही इन जैसी अन्य शख्सियतों के बारे में बताया जाएगा।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के अनुसार, मलिहाबाद के सातन सिंह व लखनऊ के महाराजा बिजली पासी जैसे लोगों ने भी मुस्लिम आक्रमणकारियों से मोर्चा लेकर हिंदू समाज की रक्षा की। ऐसे ही अन्य कई वीर हुए हैं। इन पर भी समारोह होंगे। साहित्य छपवाकर बांटा जाएगा।
यह बताएंगे कि ‘जिन्हें आज अछूत माना जा रहा है, उस समाज के लोगों ने हिंदुओं व हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए मुस्लिम आक्रमणकारियों से लड़ाई लड़ी।
वंचित समाज के लोगों को समझाएंगे कि आपके पूर्वजों ने हिंदू समाज, संस्कृति व स्वाभिमान की रक्षा की। आज आप क्यों कुछ राजनीतिक व विधर्मी लोगों की साजिशों में फंसकर धर्मांतरण का शिकार हो रहे हो।’