सपा-बसपा के गठबंधन से डरी हुई है भाजपा: ओमप्रकाश राजभर
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भाजपा और प्रदेश सरकार के खिलाफ लगातार बगावती तेवर दिखाने वाले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा-बसपा के साथ जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सपा और बसपा से उन्होंने कभी संपर्क नहीं किया है। भाजपा के साथ गठबंधन का उनका समझौता 2024 तक के लिए हुआ था, इसलिए वह 2024 तक एनडीए में ही बने रहेंगे। अलबत्ता अपनी मांगों को लेकर वह आवाज लगातार उठाते रहेंगे।
प्रदेश के दिव्यांग कल्याण मंत्री ने मीडिया के सामने यह बयान सोमवार को दिल्ली में दिया है। उन्होंने कहा कि उनके सपा-बसपा के संपर्क में रहने के बारे में उड़ाई गई खबर बेबुनियाद है। भाजपा केसाथ गठबंधन को लेकर हुए समझौते के तहत वह 2024 तक एनडीए में बने रहेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण के वर्गीकरण की मांग पर वह अब भी कायम हैं। इस मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनकी दो बार बैठक हो चुकी है, फिर भी फैसला नहीं हो सका है।
जबकि अमित शाह ने निजी तौर पर वादा किया था कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण को पिछड़े, अति पिछड़े और महा पिछड़ों की श्रेणी में विभाजित कर दिया जाएगा।
27 अक्तूबर से शुरू करेंगे आरक्षण को लेकर आंदोलन
ओमप्रकाश ने कहा कि गुजरात, हरियाणा व महाराष्ट्र के बाद यूपी भी पिछड़ों के आरक्षण में विभाजन की मांग को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। केंद्र व प्रदेश सरकारों की नीयत साफ नहीं दिख रही है, इसलिए अब आंदोलन ही रास्ता बचा है। सुभासपा ने तय किया है कि 27 अक्टूबर से आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू किया जाए। यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा।
महागठबंधन से डरी हुई है बीजेपी
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अमित शाह द्वारा पिछड़ों के आरक्षण को तीन श्रेणी में बांटने का वादा किया गया था, जो केंद्र व प्रदेश सरकार ने पूरा नहीं किया। लेकिन अब हमें उम्मीद है कि इस मुद्दे पर दोनों सरकारें जल्द फैसला लेंगी। क्योंकि भाजपा नेतृत्व सपा-बसपा गठबंधन से डरा हुआ है और यही डर उनसे हमारी मांग पूरी करा देगा।