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राजा भैया 30 नवंबर को कर सकते हैं नए राजनीतिक दल का एलान

Sun, 21 Oct 2018 12:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 Oct 2018 12:01 AM IST
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raja bhaiya likely to announce new political party
निर्दलीय विधायक राजा भैया - फोटो : amar ujala

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ  राजा भैया 30 नवंबर को अपने नए राजनीतिक दल का एलान कर सकते हैं। इस दिन उनके समर्थक राजा भैया के बतौर निर्दलीय विधायक 25 साल पूरे करने का जश्न मनाएंगे। इस अवसर पर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। पूर्व सांसद शैलेंद्र सिंह और निर्दलीय विधायक विनोद कुमार सरोज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

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शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतापगढ़ की कुंडा विधानसभा सीट से 1993 में राजा भैया ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। इसके बाद से वे लगातार 25 साल से विधायक हैं। इस दौरान वे कार्यक्रम क्रियान्वयन, खेलकूद व युवा कल्याण, कारागार व खाद्य एवं रसद व स्टांप एवं निबंधन मंत्री भी रहे।
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30 नवंबर को उनके राजनीतिक जीवन का रजत जयंती समारोह मनाया जा रहा है। राजा भैया के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर राजनीतिक दल बनाने के मामले में सुझाव मांगा था। 80 फीसदी लोगों ने नया राजनीतिक दल बनाने का सुझाव दिया है। जनभावना का सम्मान करते हुए राजा भैया के  नेतृत्व में नई पार्टी के गठन की प्रक्रिया चल रही है।

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26 साल की उम्र में बने थे विधायक

राजा भैया 26 वर्ष की उम्र में कुंडा से पहली बार निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वह छह बार रिकॉर्ड मतों से विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं। 30 नवंबर को वे अपना शक्ति प्रदर्शन करेंगे। वे नई पार्टी बनाकर इससे 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सभी की निगाहें हैं। कौशांबी से सपा के सांसद रहे शैलेंद्र सिंह, विधायक विनोद कुमार सरोज, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह जैसे बड़े नाम उनके साथ हैं।

भाजपा के कई राजपूत नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव, सेकुलर मोर्चा के संस्थापक शिवपाल सिंह यादव से उनके रिश्ते सर्वविदित हैं। कुंडा में डीएसपी जिया उल हक की हत्या के मामले में राजा भैया का नाम आया था। इसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई से क्लीन चिट मिलने के बाद उन्हें फिर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया।

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