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आशियाना में गुस्साए उपभोक्ताओं ने बिजलीघर घेरा तो दफ्तर छोड़कर भागे कर्मचारी
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लखनऊ में 40 घंटे से चल रही बिजली आपूर्ति की परेशानी।
- फोटो : ??? ?????
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तेज बारिश के चलते गुरुवार से जारी बिजली का संकट बरकरार है। राजधानी के कई इलाकों में 40 घंटे बाद भी बत्ती गुल है।
आशियाना में गुस्साए उपभोक्ता बिजलीघर पहुंच गए तो कर्मचारी दफ्तर छोड़कर भाग निकले। गोमतीनगर, हुसैनगंज, गणेशगंज, चौक, केशवनगर सहित कई क्षेत्रों में शुक्रवार को भी परेशानी बनी रही।
गुुरुवार से गुल हुई बिजली शुक्रवार रात दस बजे तक न लौटी तो लोगों ने आशियाना उपकेंद्र का घेराव कर दिया। उनका गुस्सा देख कर्मचारी भाग निकले।
इलाके के सेक्टर एम, एन व एल आदि में भी बिजली संकट रहा। वहीं, गोमतीनगर, अलीगंज सेक्टर-एन, सदर, अमीनाबाद, गणेशगंज, चौक आदि इलाकों में भी आपूर्ति बाधित रही।
उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिजली अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। मुख्य अभियंता तक से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। टोल फ्री नंबर 1912 से भी मदद नहीं मिल सकी।
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रहीमनगर, सीतापुर रोड, बीकेटी, चिनहट खंड में सबसे ज्यादा समस्याएं आईं। इस बाबत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार खुद जायजा लेने निकले। उनके प्रयास के बाद भी 60 प्रतिशत इलाकों में बिजली संकट रहा।
उन्होंने अभियंताओं को उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल हल करने का आदेश दिया। वहीं, उपकेंद्रों पर संविदाकर्मियों की कमी व उपकरणों की संख्या कम होने से बारिश के बाद पैदा हुए बिजली संकट को दूर करने में ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं।
पानी की भी खड़ी हो गई समस्या
बिजली आपूर्ति बाधित होने से पीने के पानी का भी संकट पैदा हो गया। हुसैनगंज में सुबह लोगों को पानी नहीं मिला। अलीगंज, इंदिरानगर, केशवनगर, पुरनिया आदि इलाकों में भी संकट बना रहा। कई जगह टैंकर भी भेजवाए गए।
1912 की शिकायतें हों निस्तारित
टोल फ्री नंबर 1912 में शिकायतों का ग्राफ बढ़ गया है। मध्यांचल एमडी ने सेंटर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्हें गलत सूचना दी गई कि शहरी क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि हकीकत अलग थी। गांवों में उन्हीं इलाकों में बिजली बहाल करवाने में रुचि ली गई, जहां उपभोक्ताओं का दबाव ज्यादा था।
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आशियाना में गुस्साए उपभोक्ता बिजलीघर पहुंच गए तो कर्मचारी दफ्तर छोड़कर भाग निकले। गोमतीनगर, हुसैनगंज, गणेशगंज, चौक, केशवनगर सहित कई क्षेत्रों में शुक्रवार को भी परेशानी बनी रही।
गुुरुवार से गुल हुई बिजली शुक्रवार रात दस बजे तक न लौटी तो लोगों ने आशियाना उपकेंद्र का घेराव कर दिया। उनका गुस्सा देख कर्मचारी भाग निकले।
इलाके के सेक्टर एम, एन व एल आदि में भी बिजली संकट रहा। वहीं, गोमतीनगर, अलीगंज सेक्टर-एन, सदर, अमीनाबाद, गणेशगंज, चौक आदि इलाकों में भी आपूर्ति बाधित रही।
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उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिजली अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया। मुख्य अभियंता तक से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। टोल फ्री नंबर 1912 से भी मदद नहीं मिल सकी।
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रहीमनगर, सीतापुर रोड, बीकेटी, चिनहट खंड में सबसे ज्यादा समस्याएं आईं। इस बाबत मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार खुद जायजा लेने निकले। उनके प्रयास के बाद भी 60 प्रतिशत इलाकों में बिजली संकट रहा।
उन्होंने अभियंताओं को उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल हल करने का आदेश दिया। वहीं, उपकेंद्रों पर संविदाकर्मियों की कमी व उपकरणों की संख्या कम होने से बारिश के बाद पैदा हुए बिजली संकट को दूर करने में ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं।
पानी की भी खड़ी हो गई समस्या
बिजली आपूर्ति बाधित होने से पीने के पानी का भी संकट पैदा हो गया। हुसैनगंज में सुबह लोगों को पानी नहीं मिला। अलीगंज, इंदिरानगर, केशवनगर, पुरनिया आदि इलाकों में भी संकट बना रहा। कई जगह टैंकर भी भेजवाए गए।
1912 की शिकायतें हों निस्तारित
टोल फ्री नंबर 1912 में शिकायतों का ग्राफ बढ़ गया है। मध्यांचल एमडी ने सेंटर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्हें गलत सूचना दी गई कि शहरी क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि हकीकत अलग थी। गांवों में उन्हीं इलाकों में बिजली बहाल करवाने में रुचि ली गई, जहां उपभोक्ताओं का दबाव ज्यादा था।