फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Railways saved 182 crores by running scissors on the convenience of the elderly, started another scheme for earning

Side Effects of Corona : बुजुर्गों की सुविधा पर कैंची चलाकर रेलवे ने बचाए 182 करोड़, कमाई के लिए चला दी दूसरी योजना

Sat, 02 Jul 2022 04:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 02 Jul 2022 04:20 AM IST
सार

कोरोना काल से उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के 80 लाख वरिष्ठ यात्रियों को नहीं मिली रियायती टिकट की सुविधा। हालात सामान्य होने पर भी सुविधा दोबारा शुरू न होने से यात्री परेशान।

विज्ञापन
Railways saved 182 crores by running scissors on the convenience of the elderly, started another scheme for earning
demo pic... - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना काल से बंद बुजुर्ग यात्रियों को रियायती टिकट की सुविधा रेलवे ने अभी तक बहाल नहीं की है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन करीब 80 लाख वरिष्ठजनों की इस सुविधा पर कैंची चलाकर 182 करोड़ रुपये की बचत कर चुका है। उधर, हालात सामान्य होने पर भी सुविधा दोबारा शुरू न होने से बुजुर्ग यात्री परेशान हैं। 

विज्ञापन


रेलवे बुजुर्गों, दिव्यांगों, खिलाड़ियों सहित 53 श्रेणियों में यात्रियों को रियायती टिकट देता है। इस पर वह सालाना करीब दो हजार करोड़ रुपये का खर्च खुद उठाता है। कोरोना फैला तो रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद करने के साथ बुजुर्गों के रियायती टिकट पर भी पाबंदी लगा दी। साथ ही जनरल टिकटों के लिए भी रिजर्वेशन की बाध्यता कर दी। इधर, हालात सामान्य हुए तो धीरे-धीरे रेलवे ने सारी पाबंदियां हटा लीं, लेकिन रियायती टिकटों की सुविधा अब तक नहीं बहाल की है। 
विज्ञापन


रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इस पाबंदी से उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे ने अब तक करीब 182 करोड़ रुपये की बचत कर ली है। दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि रेलवे बोर्ड के सदस्यों व रेलमंत्री से रियायती टिकट की सुविधा दोबारा शुरू करने को लेकर कई चरणों में पत्राचार हुआ, लेकिन जवाब नहीं मिला। ऐसे में आशंका है कि रेलवे इस सुविधा को पूरी तरह से बंद करने की फिराक में तो नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


50 फीसदी तक मिलती थी रियायत 
बुजुर्गों को रेलवे टिकटों पर 50 प्रतिशत तक की रियायत देता था। इसमें न्यूनतम 58 वर्ष की महिलाओं को 50 तो 60 वर्ष के पुरुषों को 40 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। फिलहाल दिव्यांगों की चार तथा मरीजों व छात्रों की 11 श्रेणियों में ही रियायती टिकट मिल रहा है।

7.31 करोड़ बुजुर्गों से बचाए डेढ़ हजार करोड़
रेलवे बोर्ड ने 20 मार्च 2020 को रियायती टिकटों पर रोक लगाई थी। बोर्ड अधिकारी ने बताया कि मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 तक रेलवे ने कुल 7.31 करोड़ बुजुर्ग यात्रियों को यह सुविधा नहीं दी। इसमें 2.84 करोड़ महिलाएं, 4.46 करोड़ पुरुष व 8310 ट्रांसजेंडर हैं। इस बीच रेलवे ने 3464 करोड़ रुपये की आय की। इसमें डेढ़ हजार करोड़ रियायती टिकट की सुविधा बंद करने से अतिरिक्त रूप से कमाए।

‘गिव इट अप’ योजना को बढ़ावा देने में लगा  
रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने यह भी बताया कि रेलवे ने सुविधाएं ड्रॉप करने के लिए ‘गिव इट अप’ योजना चलाई। इसके तहत कुल 4.41 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों में से 7.53 लाख ने 50 प्रतिशत और 10.9 लाख ने 100 प्रतिशत रियायत छोड़ी। रेलवे योजना को बढ़ावा देने के प्रयास में है। 


सुविधाएं नदारद, सिर्फ कमाई पर ध्यान
यात्री तृप्ति भारती ने बताया कि रेलवे का पूरा फोकस कमाई पर है। यही वजह है कि एक के बाद एक सुविधाएं बंद कर यात्रियों पर लोड बढ़ाया जा रहा है। मेमू बंद हैं। नियमित ट्रेनों को स्पेशल बनाकर और जनरल टिकटों पर रिजर्वेशन की बाध्यता से खजाना भरा जा रहा है। यात्री अमित सिंह ने कहा कि राउंड फीगर के नाम पर यात्रियों का करोड़ों दबाए बैठा रेलवे रिफंड पर भी कुंडली मारे है। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed