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Lucknow News: दो साल में भी शुरू नहीं सका रेलवे का सार्वजनिक प्रसाधन
Tue, 26 Aug 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:03 AM IST
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लंभुआ रेलवे स्टेशन पर बना सार्वजनिक प्रसाधन।
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लंभुआ (सुल्तानपुर)। सुल्तानपुर-जफराबाद रेल खंड पर मौजूद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को प्रसाधन सुविधा नहीं मिल पा रही है। करीब दो वर्षों से ज्यादा समय पहले बने हाईटेक सार्वजनिक प्रसाधन पर सात लाख रुपये का खर्च आया था। संचालन शुरू नहीं होने से इसका फायदा यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है।
नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल), एनएलसी इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के तत्वावधान में इस संयंत्र का निर्माण हुआ था। वर्ष 2023 में इसका निर्माण हो गया था। तब से इस संयंत्र ताला जड़ा है।
हालात यह है कि अब इस संयंत्र के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। जिले में सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के बाद सबसे अधिक ट्रेनें लंभुआ रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं। प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री इस स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू व खत्म करते हैं। स्टेशन पर बने मौजूदा प्रसाधन में भी ताला लगा रहता है। इससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और निशक्तों को परेशानी होती है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत तत्कालीन भाजपा सांसद मेनका गांधी के माध्यम से केंद्र सरकार की ओर से लंभुआ रेलवे स्टेशन को 19.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना था। इस योजना का भी कुछ अता-पता नहीं है।
टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक विवेक त्रिपाठी ने बताया कि लंभुआ रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक प्रसाधन बनकर तैयार है। टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन है। टेंडर होने के बाद प्रसाधन को चालू करवाया जाएगा।
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नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल), एनएलसी इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के तत्वावधान में इस संयंत्र का निर्माण हुआ था। वर्ष 2023 में इसका निर्माण हो गया था। तब से इस संयंत्र ताला जड़ा है।
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हालात यह है कि अब इस संयंत्र के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। जिले में सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के बाद सबसे अधिक ट्रेनें लंभुआ रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं। प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री इस स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू व खत्म करते हैं। स्टेशन पर बने मौजूदा प्रसाधन में भी ताला लगा रहता है। इससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और निशक्तों को परेशानी होती है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत तत्कालीन भाजपा सांसद मेनका गांधी के माध्यम से केंद्र सरकार की ओर से लंभुआ रेलवे स्टेशन को 19.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना था। इस योजना का भी कुछ अता-पता नहीं है।
टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक विवेक त्रिपाठी ने बताया कि लंभुआ रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक प्रसाधन बनकर तैयार है। टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन है। टेंडर होने के बाद प्रसाधन को चालू करवाया जाएगा।