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Lucknow News: अब रेलवे घर से ले जाएगा पार्सल, शुरू हुई देश की पहली डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा
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अब रेलवे घर से ले जाएगा पार्सल।
लखनऊ। व्यापारियों और आम ग्राहकों को अब रेलवे से सामान भेजने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे खुद घर से पार्सल लेकर जाएगा और सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचाएगा। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लखनऊ मंडल के सोनिक गुड्स शेड पर देश की पहली डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा का शुभारंभ किया। इसका संचालन कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कांकोर) करेगा और शुल्क भी वही तय करेगा।
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने बताया कि यह परियोजना रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों को एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह रेलवे की लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी तथा व्यापारियों और उद्योगों को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। यह परियोजना दो वर्षों के लिए स्वीकृत की गई है। आवश्यकता अनुसार अगले दो वर्ष के अतिरिक्त बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सोनिक गुड्स शेड कैटेगरी वन का है। यहां हर महीने लगभग 13 रेक से खाद्य अनाज, उर्वरक, सीमेंट आदि आते हैं। लगभग 80 कोच का पिसमील लोडिंग संभालता है। उन्होंने कहा कि कांकोर गुड्स शेड के पूरे प्रबंधन, सफाई, परिसंपत्तियों के रखरखाव, सभी कानूनी और पर्यावरणीय नियमों की जिम्मेदारी संभालेगा। गोदाम, कंटेनर स्टोरेज आदि का विकास भी करेगा। रेलवे की जमीन पर बनने वाली परिसंपत्तियां रेलवे की ही होंगी। यहां पर मजदूरों और व्यापारियों के लिए सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं भी होंगी। पार्सल बुक कराने वाले को रेलवे स्टेशन पर जाना होगा। उसके बाद रेलवे की कर्मचारी आकर उसे ले जाएंगे।
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उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने बताया कि यह परियोजना रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों को एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह रेलवे की लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी तथा व्यापारियों और उद्योगों को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। यह परियोजना दो वर्षों के लिए स्वीकृत की गई है। आवश्यकता अनुसार अगले दो वर्ष के अतिरिक्त बढ़ाया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि सोनिक गुड्स शेड कैटेगरी वन का है। यहां हर महीने लगभग 13 रेक से खाद्य अनाज, उर्वरक, सीमेंट आदि आते हैं। लगभग 80 कोच का पिसमील लोडिंग संभालता है। उन्होंने कहा कि कांकोर गुड्स शेड के पूरे प्रबंधन, सफाई, परिसंपत्तियों के रखरखाव, सभी कानूनी और पर्यावरणीय नियमों की जिम्मेदारी संभालेगा। गोदाम, कंटेनर स्टोरेज आदि का विकास भी करेगा। रेलवे की जमीन पर बनने वाली परिसंपत्तियां रेलवे की ही होंगी। यहां पर मजदूरों और व्यापारियों के लिए सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं भी होंगी। पार्सल बुक कराने वाले को रेलवे स्टेशन पर जाना होगा। उसके बाद रेलवे की कर्मचारी आकर उसे ले जाएंगे।
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