15 नवंबर से सभी ट्रेनों में ब्रांडेड खाना
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पैंट्री कार के खाने की क्वालिटी और दाम को लेकर शिकायतों के बीच अब ऐसी ट्रेनों में रेलवे ब्रांडेड ‘रेडी टू ईट’ फूड भी मुहैया कराएगा।
यह सुविधा 15 नवंबर से उन सभी ट्रेनों में शुरू की जाएगी जिनमें पैंट्री कार की सुविधा है।
रेलवे बोर्ड ने सभी मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों को 31 अक्तूबर तक सीलबंद खाना की आपूर्ति करने वाली कंपनियों का चयन करने का आदेश दिया है।
इन कंपनियों को ट्रेनों में रसोई का ठेका लेने वाली कंपनियों को अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए कमीशन देना होगा।
नहीं करना पड़ेगा इंतजार
पहले कुछ ट्रेनों में यात्रियों को एसएमएस पर खाना उपलब्ध तो हुआ लेकिन उनकी लेटलतीफी के कारण यात्रियों को इसके लिए इंतजार भी करना पड़ा।
यात्रियों को अपने खाने के लिए इंतजार न करना पड़े इसे देखते हुए रेलवे बोर्ड में ब्रांडेड खाना मुहैया कराने वाली कंपनियों के अफसरों के साथ पिछले सप्ताह बैठक की थी।
इसमें निर्णय लिया गया कि जिन ट्रेनों में रसोई यान की सुविधा उपलब्ध है, उनमें यात्रियों को ब्रांडेड खाना भी मुहैया कराया जाएगा।
इसके लिए संबंधित कंपनियां रसोई यान का लाइसेंस लेने वाली कंपनी को कमीशन देंगी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक पर्यटन व कैटरिंग केपी यादव ने पत्र जारी कर दिया है।
इस तरह मिलेगा ब्रांडेड फूड
चयनित कंपनियां 400 ग्राम का कॉम्बो फूड पैक मुहैया कराएंगी। इसमें 200 ग्राम चावल, 200 ग्राम करी या 250 ग्राम चावल और 150 ग्राम करी होगा।
इसी तरह मांसाहारी भोजन भी इसी अनुपात में मुहैया कराया जाएगा। हालांकि अन्य फूड प्रोडक्ट पैकेट पर दर्ज वजन के हिसाब से मुहैया कराए जाएंगे।
जोनल मुख्यालय से स्वीकृत रेडी टू ईट फूड का मेन्यू भी पैंट्री कार का कर्मचारी यात्रियों को ऑर्डर लेते वक्त मुहैया कराएगा। इसमें गुणवत्ता से लेकर दरें शामिल होंगी।
मुख्य वाणिज्य प्रबंधत तय करेंगे एमआरपी
सीलबंद खाना के ऊपर उसकी एमआरपी दर्ज होगी जिसे जोनल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तय करेंगे। सीलबंद खाना की सभी टैक्स व अन्य लागत को मिलाकर तय हुए अधिकतम मूल्य को उसके पैकेट के ऊपर दर्ज किया जाएगा।
जोनल रेलवे सीलबंद खाना तैयार करने वाली कंपनियों को उनकी गुणवत्ता, सफाई, यात्रियों की पसंद के व्यंजनों के आधार पर उनका चयन करेगा।
इसके लिए रेलवे के वाणिज्य, भंडार और वित्त अनुभाग के तीन सदस्यीय जूनियर एडमिनेस्ट्रेटिव और सीनियर ग्रेड अधिकारियों की कमेटी बनेगी।
आईएसओ जैसे मानकों वाले ब्रांड को बेचने के लिए पहले तीन साल का अनुबंध किया जाएगा। यदि कोई शिकायत न हुई तो दो साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा।
आम यात्री दे सकते हैं सुझाव
रेलवे ने पहली बार अपनी खानपान नीति को तय करने में आम यात्रियों को शामिल किया है।
इस पॉलिसी को लागू करने के लिए यात्री निदेशक पर्यटन व कैटरिंग, कक्ष संख्या 503, रेलवे बोर्ड नई दिल्ली को पत्र लिखकर या फिर सीसीएमसी 508 जीमेल.कॉम पर ईमेल कर सकते हैं।
साथ ही यात्री टेलीफोन नंबर 011-23384922 और मोबाइल नंबर 09901484466 पर अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।