रेलवे भर्ती परीक्षा पेपर लीक पर नया बखेड़ा
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रेलवे भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला एक बार फिर भले ही सुर्खियों में छा गया हो, लेकिन इसे लेकर चौबीस घंटे बाद भी असमंजस की स्थिति बनी है।
जहां रेलवे भर्ती बोर्ड इलाहाबाद के अधिकारी पेपर लीक होने की बात को नकारते रहे, वहीं एसटीएफ के अधिकारी फर्जीवाड़े की बात पर अड़े रहे।
बोर्ड के अध्यक्ष एसएन माथुर ने रविवार को ही कहा था कि बरामद आंसर-की मूल प्रश्न पत्र से मेल नहीं खा रही। ऐसे में पेपर लीक करने की बात नहीं मानी जा सकती।
इसी वजह से रेलवे भर्ती बोर्ड ने न तो रविवार को हुई परीक्षा रद्द की और न ही किसी खास सेंटर पर दोबारा परीक्षा कराने की बात कही।
ये कहना है एसटीएफ का
उधर, इस फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले एसटीएफ के एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह कहते हैं कि आंसर-की मेल खा रही हो अथवा नहीं, यह अलग बात है, लेकिन इस सच्चाई को कैसे नकारेंगे कि परीक्षा पास करने के लिए फर्जीवाड़ा हुआ।
जिन केंद्रों पर जिन अभ्यर्थियों के बारे में सूचना दी गई, वे उन केंद्रों पर मौजूद थे।
लखनऊ में जिन दो अभ्यर्थियों को पकड़ा गया, उनके पास से आंसर-की भी बरामद हुई।
ऐसे में परीक्षा के सवाल हल कराने के लिए की गई साजिश तो अपने आप ही साबित हो रही है।
एसटीएफ की टीम रवाना
रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के पेपर आउट कराने वाले गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ की टीम पूर्वांचल रवाना की गई है।
एसटीएफ को इस गिरोह के मुखिया के करीबी जौनपुर निवासी दीपक की तलाश है, जो फोन के जरिये कई अभ्यर्थियों के संपर्क में था और रुपयों के बदले उन्हें सवालों का हल देने का आश्वासन दे रहा था।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि इस मामले में एसटीएफ के पास पर्याप्त प्रमाण हैं कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने में लगा हुआ था।
एसटीएफ का दावा है कि वह गिरोह के सदस्यों पर नजर रखे हुए है और जल्द ही कई और गिरफ्तारियां की जाएंगी। उनसे पूछताछ के बाद इस मामले के कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
पहले भी इस गिरोह ने पर्चा आउट करवाया
पाठक ने कहा कि रेलवे भर्ती परीक्षाओं के पर्चे आउट कराने में कई बार इस गिरोह का नाम पहले भी सामने आ चुका है।
गिरोह के मुखिया पूर्व टीटीई बेदीराम और उसके सहयोगी दीपक को एसटीएफ और सीबीआई पहले भी इसी आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
माल्दा में भी मुहैया कराई आंसर-की
एसटीएफ उत्तर प्रदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल के माल्दा में भी इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
एसटीएफ के सूत्रों की मानें तो गिरोह के सदस्यों ने माल्दा के एक होटल में कई अभ्यर्थियों से रुपये लेकर उन्हें आंसर-की मुहैया कराई। एसटीएफ के पास गिरोह के सदस्यों व अभ्यर्थियों के बीच हुई वार्ता की कॉल डिटेल व रिकॉर्डिंग है।