जल्द पूरा होगा लखनऊ मेट्रो में बैठने का सपना, पार हुई एक और बाधा
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मेट्रो में सवारी का राजधानीवासियों का इंतजार जल्द खत्म होने के आसार बढ़ गए हैं। मेट्रो की दूसरी सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई। कॉमर्शियल रन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी अनुमति में से एक रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिल गई है।
अब केवल आखिरी बाधा आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा (सीएमआरएस) का निरीक्षण और कॉरीडोर शुरू करने की अनुमति ही बाकी है। इसके लिए एलएमआरसी अब शुक्रवार को आवेदन करेगी।
रेलवे बोर्ड की तकनीकी मंजूरी बृहस्पतिवार को एलएमआरसी को मिल गई। यह तकनीकी मंजूरी इस बात का प्रमाण है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से मेट्रो ठीक है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से रेलवे बोर्ड की इस अनुमति का इंतजार था।
नौ मार्च को आरडीएसओ ट्रायल के पूरा होने के बाद से इसकी प्रक्रिया शुरू की गई थी। 29 मार्च को आरडीएसओ से 80 किमी. प्रति घंटा का स्पीड सर्टिफिकेट मिलते ही रिपोर्ट को भी रेलवे बोर्ड भेज दिया गया था। मंत्रालय की तरफ से मिली अनुमति के मुताबिक अब लखनऊ मेट्रो अधिकतम 80 किमी. प्रतिघंटा की तेजी से चल सकेगी।
इस तरह मिली मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, 30 मार्च को ही रेलवे बोर्ड को जरूरी दस्तावेजों के साथ तकनीकी मंजूरी के लिए आवेदन पहुंच गया था। इसके बाद से रेलवे बोर्ड में फाइल घूम रही थी।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के लखनऊ आने के समय भी यह मुद्दा एलएमआरसी ने उठाया था। इसके बाद से तकनीकी मंजूरी को दिए जाने में तेजी आई।
केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब आठ जून को करीब दो महीने बाद एलएमआरसी को रेल मंत्रालय से अनुमति का प्रमाण पत्र मिल गया है।
पीएम की मौजूदगी में कॉमर्शियल रन की संभावना बढ़ी
पूर्व में ही 15 जून के आसपास कॉमर्शियल रन शुरू करने की बात कह चुके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात अब सही होती दिख रही है। 20-21 जून को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। एलएमआरसी की कोशिश है कि उसी दौरान मेट्रो का कॉमर्शियल रन शुरू करा दिया जाए।
मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर 25-30 दिन का समय सीएमआरएस की अनुमति में लगता है। अगर सीएमआरएस को तैयारियां पूरी मिलें तो यह समय न्यूनतम सात दिन भी हो सकता है। प्राथमिकता सेक्शन अब कॉमर्शियल रन के लिए पूरी तरह तैयार है।
ऐसे में अगर समय पर सीएमआरएस की अनुमति मिल जाए। इसके बाद 21 जून को भी मेट्रो के कॉमर्शियल रन शुरू होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। एमडी कुमार केशव का कहना है कि रेल मंत्रालय की ट्रेनों के लिए तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद अब केवल सीएमआरएस की अनुमति मिलना ही बाकी है।
शुक्रवार को ही यह आवेदन सीएमआरएस के यहां एलएमआरसी कर देगा ताकि अतिरिक्त समय बर्बाद नहीं हो। इसके बाद सीएमआरएस अपने निरीक्षण की तारीख तय करेंगे। निरीक्षण के बाद ही कॉमर्शियल रन की तारीख पर फैसला प्रदेश सरकार की सहमति लेकर तय की जाएगी।