यूपी: कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प, कई ट्रेनें निरस्त हुई, यात्रियों को हुई मुश्किल
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुलाए गए रेल रोको आंदोलन का असर कई जिलों में दिखाई दिया। ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने रेल रोको आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया। जिसके कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया। दैनिक यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जिलों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया और फिर कुछ देर बाद छोड़ दिया।
सुल्तानपुर में तिकोनिया पार्क से जुलूस की शक्ल में निकले किसान संगठनों की नगर कोतवाली के सामने पुलिस से झड़प हो गई। नगर कोतवाली से किसान सीधे रेलवे स्टेशन पहुंच गए। यहां पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी 100 से अधिक किसानों व उनके नेताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में नजरबंद कर दिया। देर शाम सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ा गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर सोमवार को जिला इकाई के नेतृत्व में रेल रोकने के लिए तमाम किसान शहर के तिकोनिया पार्क में एकत्र हुए। यहां से किसानों का जुलूस रेलवे स्टेशन के लिए निकला। रास्ते में नगर कोतवाली के पास पुलिस प्रशासन ने जुलूस को रोकने की कोशिश की। पुलिस व किसान नेताओं के बीच काफी कहासुनी भी हुई।
अंत में किसान आगे की तरफ बढ़ गए। रेलवे स्टेशन के पास पहुंचने पर पुलिस ने मोर्चा के नेता शारदा प्रसाद पांडेय समेत 100 से अधिक किसानों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए किसानों को पुलिस लाइन में नजरबंद रखा गया। देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। इससे पहले प्रदर्शन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। सरकार जब तक तीनों काले कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
लखनऊ में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग को लेकर लखनऊ में रेल रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। रेल रोको कार्यक्रम के तहत आलम नगर रेलवे स्टेशन के बाहर ही संदीप पांडे, राजीव यादव, रवींद्र, रानी सिद्दिकी, रिज़वाना, जनक दुलारी, अजय, आदिल खान, वीरेंदर गुप्ता, अमित मौर्या, गौरव सिंह, बबलू गौतम, बान्के लाल यादव को हिरासत में लेकर इको गार्डन ले जाया गया।
गोंडा: रेलवे ट्रैक तक नहीं आ सके आंदोलनकारी
गोंडा जिले में किसान नेताओं की अपीली पर सोमवार को होने वाले रेल रोको अभियान का जिले में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लखीमपुर कांड के आरोपी गृह राज्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग व कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को देशभर में रेल चक्का जाम की योजना बनाई गई थी। इसको लेकर शासन के निर्देश पर रविवार रात से ही सिविल पुलिस, पीएसी, आरपीएफ, जीआरपी के जवानों ने पूरे रेल ट्रैक, स्टेशन व प्लेटफार्मों पर अपना जाल बिछा दिया। चौकस सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण एक भी आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक के किनारे फटक तक नहीं सका। बभनान में कुछ किसान नेताओं ने प्रदर्शन किया और रेलवे ट्रैक के किनारे तक नहीं जा सके लिहाजा प्रशासन के अधिकारियों को वहीं पर ज्ञापन सौंप दिया।
अमेठी: छावनी बने रेलवे स्टेशन, किसान नेता नजरबंद
लखीमपुर कांड में गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का सोमवार को रेल रोको आंदोलन प्रस्तावित था। किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन ने स्टेशनों को छावनी में तब्दील कर अधिकांश किसान नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया। किसान नेताओं के नजरबंद होने से जिले में प्रस्तावित आंदोलन बेअसर साबित हुआ।
लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया कस्बे में तीन अक्तूबर को वाहन से राैंदकर चार किसानों की मौत के मामले से नाराज किसान संगठन आंदोलित हैं। किसान संगठन मुख्य आरोपी के पिता केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। शासन की ओर से मिले आश्वासन के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने तथा केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पद पर कायम रहने से नाराज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को रेल रोको आंदोलन प्रस्तावित था। किसानों के आंदोलन की सूचना पर प्रशासन ने गौरीगंज, जायस, अमेठी, मिसरौली, अकबरगंज, निहालगढ़ व मुसाफिरखाना समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्टेशनों को छावनी में तब्दील कर दिया।
कई किसान संगठनों के जिलाध्यक्षों व किसान नेताओं को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। पुलिस की ओर से घर पर ही नजरबंद किए गए किसान नेताओं ने पुलिस पर उत्पीड़न करने तथा शासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कृषि कानून समाप्त होने, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों पर कार्रवाई होने तथा केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। एडीएम सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन की सक्रियता से जिले में किसानों का रेल रोको आंदोलन बेअसर रहा। ट्रैक की सभी ट्रेन नियमित संचालित हुईं।
बलरामपुर: रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर पुलिस रही सतर्क
अयोध्या: रेल रोकने गए किसानों को स्टेशन से किया गया गिरफ्तार, धक्का-मुक्की
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को विभिन्न संगठनों ने रेल रोकने का प्रयास किया तो रेलवे स्टेशन से ही गिरफ्तार कर लिए गए। इस दौरान किसानो और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस सभी को पुलिस लाइन ले गई। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जिले में विभिन्न जगहों पर धरना-प्रदर्शन कर नाराजगी जताई और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन हलकान रहा।शाम को सभी को छोड़ दिया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता/पदाधिकारी उप निदेशक उद्यान के कार्यालय पर इकट्ठा हुए, प्रदर्शन करते हुए फैजाबाद जंक्शन पर पहुंचकर रेल का चक्का जाम करने का प्रयास किया। पहले से भारी संख्या में मुस्तैद पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिससे वह अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो सके। इस दौरान पुलिसकर्मियों से कार्यकर्ताओं की नोंकझोंक व धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लाइन में कार्यकर्ताओं को दिन भर रखा गया।कार्यकर्ता तीनों कृषि कानूनो की वापसी व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ट्रेनी को गिरफ्तार करने सहित मांगों से संबंधित नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि प्रशासन चाहे जितना तानाशाही, हठधर्मिता अपना ले, किसान डरने वाले नहीं हैं। गिरफ्तार होने वालों में सूर्यनाथ वर्मा, भागीरथी वर्मा, अरविंद यादव, शंकर पाल पांडेय सहित 121 लोग शामिल रहे।
तिकोनिया पार्क में संयुक्त मोर्चे के जिला संयोजक मायाराम वर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। जिसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने, तीनों कृषि बिल वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने, बढ़े डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस के दामों को वापस लेने की मांग उठाई गई। इस मौके पर मो. इशहाक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमला प्रसाद बागी, युवा रालोद जिला अध्यक्ष रामशंकर वर्मा, महिला अध्यक्ष सुमन पांडेय आदि मौजूद रहे।