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रेल यात्रियों को होगी बहुत परेशानी: कोहरे के चलते 10 ट्रेनें तीन महीने निरस्त, देखें गाड़ियों की सूची

Sat, 19 Nov 2022 07:03 AM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 19 Nov 2022 07:03 AM IST
सार

कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से लोको पायलट ट्रैक नहीं देख पाते और हादसे बढ़ जाते हैं। ऐसे में रेलवे हर साल लंबी दूरी की कई ट्रेनें निरस्त करता है। 

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Rail passengers will have a lot of trouble 10 trains canceled for three months due to fog
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोहरे के चलते बाघ सहित दस ट्रेनें एक दिसम्बर से 28 फरवरी तक निरस्त रहेंगी। इससे यात्रियों को तीन महीने तक परेशानी उठानी पड़ेगी।

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कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से लोको पायलट ट्रैक नहीं देख पाते और हादसे बढ़ जाते हैं। ऐसे में रेलवे हर साल लंबी दूरी की कई ट्रेनें निरस्त करता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस साल 14004 नई दिल्ली-मालदा टाउन न्यू फरक्का एक्सप्रेस, 14003 मालदा टाउन-नई दिल्ली न्यू फरक्का एक्सप्रेस, 12357 कोलकत्ता से अमृतसर के बीच चलने वाली दुर्गियाना एक्सप्रेस, 12358 अमृतसर से कोलकाता जाने वाली दुर्गियाना एक्सप्रेस, 12317 कोलकाता-अमृतसर अकालतख्त एक्सप्रेस, 12318 अमृतसर-कोलकाता अकालतख्त एक्सप्रेस, 12369 हावड़ा-देहरादून कुंभ एक्सप्रेस, 12370 देहरादून-हावड़ा कुंभ एक्सप्रेस, 13019 हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस और 13020 काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। हालांकि, इस बाबत उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को अभी नोटिफिकेशन नहीं मिला है।

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हवाईजहाज से तेज दौड़ेंगी ट्रेनें, 1200 तक होगी रफ्तार

चीन के शंघाई में पहली बार मैग्लेव ट्रेन चलाई गई, जिसकी रफ्तार 430 किमी प्रति घंटे थी। इसके बाद अमेरिका के लॉस एंजेलिस से सैन फ्रैंसिस्को के बीच 560 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हाइपरलूप चलाई गई, जो महज 35 मिनट में सफर पूरा करती है। भारत भी हाइपरलूप पर काम कर रहा है। आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर रेलवे काम कर रही है। हाइपरलूप में 1200 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से सफर हो सकेगा। यह गति हवाईजहाज से भी अधिक है।

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आरडीएसओ स्टेडियम में अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) व भारतीय उद्योग संघ की ओर से आयोजित इनो रेल प्रदर्शनी के दूसरे दिन आयोजित सेमिनार में हाइपरलूप पर अधिकारियों व विशेषज्ञों ने मंथन किया। रेल कोच फैक्टरी, कपूरथला के सेवानिवृत्त जनरल मैनेजर एसके सूरी ने हाईस्पीड ट्रेनों के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंबई से अहमदाबाद के बीच जो हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर बन रहा है, उसमें 12 स्टेशन रहेंगे। ट्रेन की बॉडी एल्युमिनियम की होगी तथा ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगी। इस प्रोजेक्ट पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। इसके अतिरिक्त हमारे पास गतिमान एक्सप्रेस सरीखी गाड़ियां भी हैं। हाइपरलूप का भविष्य उज्ज्वल नजर आता है। 

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बता दें कि हाइपरलूप के साथ निवेश, ब्रेक, लो प्रेशर, भूकंप जैसी दिक्कतें भी हैं। आरडीएसओ डीजी संजीव भूटानी ने बताया कि आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर हाइपरलूप पर काम किया जा रहा है। इससे कार्बन न्यूट्रिलिटी में मदद मिलेगी। हाईपरलूप तकनीकी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने में केंद्र सरकार मदद करेगी। सेमिनार में आरडीएसओ के समीर लोहानी ने वंदे भारत एक्सप्रेस के टेक्निकल व ऑपरेशनल डिटेल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन को और उन्नत बनाने पर काम चल रहा है। हिताची के एप्लीकेशन इंजीनियर हिमांशु शाह ने अगली पीढ़ी के स्मार्ट ट्रांसफॉर्मरों की तकनीकी जानकारी दी।

उन्नत तकनीकी का नमूना है चेनाब ब्रिज
सेमिनार के दौरान यूएसबीआरएल के चीफ इंजीनियर गोपाल राजू ने चेनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज की जानकारी दी। उन्होंने इसे उन्नत तकनीकी का नमूना बताया। जिंदल स्टील के जनरल मैनेजर नागराजन पी. ने रेलवे पुलों के निर्माण में स्टेनलेस स्टील के प्रयोग के लाभों पर प्रकाश डाला।

हाईड्रोजन ईंधन पर दौड़ सकेंगी ट्रेनें
डीजल पर दौड़ रही ट्रेनों को बिजली से चलाया जा रहा है। पर, भविष्य में इससे बेहतर हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे हाइब्रिड पावर ट्रेन चलाई जा सकेंगी। आरडीएसओ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिसर्च अमित श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी। बालामुरगन केजीएस ने स्मार्ट रोलिंग स्टॉक्स व सिस्ट्रा इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप फुलर ने अर्बन मास ट्रांसपोर्टेशन के वर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डाला। आरडीएसओ डीजी संजीव भूटानी ने शुक्रवार को अन्य अधिकारियों के साथ इनो रेल प्रदर्शनी में शामिल हुई कंपनियों के स्टॉलों का भ्रमण किया।

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