पीएम मोदी की गलत नीतियों के कारण किसानों को नहीं मिल रहा उचित मुआवजा: राहुल गांधी
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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण के मूल अधिनियम में पीएम मोदी के बदलाव करने से किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। यूपीए सरकार ने नेशनल हाईवे का जाल बिछाना शुरू किया था।
अमेठी, रायबरेली व सुलतानपुर में छह नेशनल हाईवे पर काम चल रहा है। लेकिन भूमि अधिग्रहण में सही प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
वे मंगलवार को अमेठी के जगदीशपुर के किसानों के मकान व दुकान बगैर किसी नोटिस के तोड़े जाने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसरों से मिलने लखनऊ आए थे।
एयरपोर्ट से सीधे गोमती नगर स्थित एनएचएआई दफ्तर पहुंचे राहुल ने मुख्य महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।
बिना नोटिस और मुआवजे के ले रहे हैं जमीनें
इसमें उन्होंने कहा कि जगदीशपुर में 13-13 मीटर की जमीन पहले ही अधिग्रहीत की जा चुकी है। अब यहां13-13 मीटर जमीन और अधिग्रहीत की जा रही है। इसके एवज में किसानों को न तो कोई नोटिस दिया गया है और न ही मुआवजा दिया जा रहा है।
उन्होंने एनएचएआई से प्रस्तावित ट्रक रूट-वे को आबादी वाले स्थान से बाहर बनाने की मांग की है। करीब 40 मिनट तक एनएचएआई के अफसरों से उन्होंने बात की। बाहर निकले तो तेज बारिश हो रही थी।
इससे राहुल मीडिया से बगैर बात किए एयरपोर्ट निकल गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद व विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू भी मौजूद थे।
राहुल बोले, किसानों की जमीन बच जाए तो बचा दीजिए
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि राहुल ने उनसे कहा कि अगर इन किसानों की जमीन बच जाए तो उसे बचा दीजिए।
इससे अब उस क्षेत्र का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुवार को वे मौके पर जाएंगे और जांच रिपोर्ट से राहुल को अवगत करा दिया जाएगा।
एनएचएआई के पास नहीं है मुआवजा तय करने का अधिकार
मुआवजा कम मिलने के सवाल पर राजीव ने कहा कि एनएच एक्ट के तहत मुआवजा तय करने के लिए सक्षम प्राधिकारी होते हैं।
इसमें एडीएम स्तर के अफसर शामिल होते हैं। यही जो मुआवजा तय करते हैं वह एनएचएआई देती है।