राहुल का मोदी पर वार, दूसरों बाथरूम में झांकना बंद कर विकास का काम करें मोदी
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सपा-कांग्रेस गठबंधन की प्राथमिकताओं की संयुक्त घोषणा कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर काफी आक्रामक मूड में दिखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरों के बाथरूम में ताकझांक करने के बजाय विकास के कामों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र की सरकार को हर लिहाज से विफल बताते हुए कहा कि सत्ता हथियाने के लिए नहीं, बल्कि यूपी को बदलने के लिए सपा और कांग्रेस ने गठबंधन किया है।
राजधानी में गोमती नगर स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में राहुल ने कहा कि हम यूपी में युवाओं की और अच्छा विजन रखने वाले लोगों की सरकार बनाना चाहते हैं। भाईचारा और मुहब्बत को बढ़ाने वाले लोगों की सरकार बने। दस बिंदुओं का हमारा यह विकास का एजेंडा बुनियादी है। सरकार बनने पर इससे कहीं ज्यादा काम करेंगे। सरकार किसानों की मदद करे और युवाओं को रोजगार दे।
राहुल ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, पर हकीकत में वादे का एक प्रतिशत हिस्सा भी पूरा नहीं कर सके। इस साल रोजगार मिलना तो दूर बेरोजगारी बढ़ी है।
'चुनाव हारने पर कम हो जाएगी मोदी की विश्वसनीयता'
उन्होंने कांग्रेस के नेताओं की जन्मपत्री अपने पास होने के पीएम मोदी के बयान पर कहा कि वे कांग्रेस के नेताओं के बारे में जो भी जन्मपत्री निकालना चाहते हैं, निकालें। साथ ही देश की तस्वीर बदलने पर भी ध्यान दें। राहुल ने कहा कि रोजगार और सिक्योरिटी के फ्रंट पर मोदी सरकार पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है।
राहुल ने कहा, मैं समझता हूं नरेंद्र मोदी जन्मपत्री पढ़ें, गूगल पर खूब सर्च करें, पर दूसरे लोगों के बाथरूम में झांकना बंद करके विकास और सुरक्षा के फ्रंट पर काम करें।
राहुल ने कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन के जीतने पर नरेंद्र मोदी की अपनी ही पार्टी में विश्वसनीयता कम हो जाएगी, जिसके चलते वे इस तरह की हल्की बातें कर रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की राजनीति विध्वंसक है। वे विकास के मुद्दों पर तो जवाब दे नहीं पा रहे हैं। इसलिए जनता को बांटने वाले मुद्दे सामने ला रहे हैं। सत्ता मिलने पर अगले पांच वर्षों में हर क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव दिखेगा।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की प्राथमिकता वाली 10 संयुक्त घोषणाएं
2-किसानों को कर्ज से राहत, सस्ती बिजली और फसलों के उचित दाम
3-एक करोड़ गरीब परिवारों को 1, 000 रुपये मासिक पेंशन और शहरी गरीबों को 10 रुपये में दिन का भोजन
4-महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत और पंचायत व स्थानीय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण
5-पांच साल में हर गांव तक बिजली, पानी और सड़क
6-कक्षा-9 से 12 की सभी छात्राओं और मेधावी छात्रों को फ्री साइकिल
7-दलित एवं पिछड़े वर्ग के 10 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को मुफ्त आवास
8-प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ती फोरलेन सड़कें और 6 प्रमुख शहरों में मेट्रो
9-लाभपरक योजनाओं में अल्पसंख्यक व पिछड़ों को जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी
10-तेज और असरदार कार्यवाही के लिए पुलिस का आधुनिकीकरण और यूपी-100 का योजनाबद्ध विस्तार