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लोहिया संस्थान : एमबीबीएस पहले बैच के सभी छात्रों के बाल जीरो कटिंग
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लोहिया इंस्टीटयूट में नए छात्र ने कराई जीरो कटिंग।
- फोटो : ??? ?????
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लोहिया संस्थान एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के बाल एक बार फिर जीरो कटिंग पर आ गए। चर्चा है कि सीनियर छात्रों के फरमान पर नये छात्रों ने हॉस्टल में ही ट्रिमर से बाल छोटे किए हैं।
मालूम हो कि बीते साल भी छोटे बालों को लेकर मुद्दा उठा था। हालांकि संस्थान प्रशासन इसे रैगिंग न होने की बात कहकर लीपापोती करता रहा।
गोमती नगर के लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस-2020 का बैच कोरोना की वजह से 2021 में शुरू हुआ। पहली फरवरी को छात्रों को संस्थान बुलाया गया था।
कैंपस आने पर उन्हें पहले एससी रॉय हॉस्टल में क्वारंटाइन किया गया। सभी की कोरोना जांच हुई और 14 दिन तक छात्रों को हॉस्टल में ही रहना पड़ा। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चलीं।
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इसके बाद 15 से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने बताया कि फरवरी के पहले हफ्ते में सीनियर्स ने फोन कर फरमान सुनाया कि सभी जीरो नंबर के बाल रखेंगे।
अगले दिन बाल कटावाने की बात पर सीनियर धमकाने लगे। डरे-सहमें छात्रों ने ट्रिमर से बाल छोटे कर लिए। क्लास रूम में आने से पहले तीसरी बटन पर नजर रखने का भी आदेश मोबाइल पर मिला है।
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह का कहना है कि छात्रों जरिए किसी तरह रैगिंग की शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
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मालूम हो कि बीते साल भी छोटे बालों को लेकर मुद्दा उठा था। हालांकि संस्थान प्रशासन इसे रैगिंग न होने की बात कहकर लीपापोती करता रहा।
गोमती नगर के लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस-2020 का बैच कोरोना की वजह से 2021 में शुरू हुआ। पहली फरवरी को छात्रों को संस्थान बुलाया गया था।
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कैंपस आने पर उन्हें पहले एससी रॉय हॉस्टल में क्वारंटाइन किया गया। सभी की कोरोना जांच हुई और 14 दिन तक छात्रों को हॉस्टल में ही रहना पड़ा। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चलीं।
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इसके बाद 15 से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की गई थीं। एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने बताया कि फरवरी के पहले हफ्ते में सीनियर्स ने फोन कर फरमान सुनाया कि सभी जीरो नंबर के बाल रखेंगे।
अगले दिन बाल कटावाने की बात पर सीनियर धमकाने लगे। डरे-सहमें छात्रों ने ट्रिमर से बाल छोटे कर लिए। क्लास रूम में आने से पहले तीसरी बटन पर नजर रखने का भी आदेश मोबाइल पर मिला है।
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह का कहना है कि छात्रों जरिए किसी तरह रैगिंग की शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।