फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   raging in polytechnic

रैगिंग की दहशत: दिन रात खौफ में जी रहे ये छात्र

Tue, 10 Sep 2013 10:27 AM IST
आशीष त्रिपाठी/लखनऊ
आशीष त्रिपाठी/लखनऊ Updated Tue, 10 Sep 2013 10:27 AM IST
विज्ञापन
raging in polytechnic

दोपहर करीब डेढ़ बजे। हीवेट पॉलीटेक्निक की पहली शिफ्ट खत्म हुई।

विज्ञापन


मेन बिल्डिंग से आठ छात्र जूनियर्स के हॉस्टल की ओर जाते नजर आए। सभी ने बालों की जीरो कटिंग करा रखी थी। अचानक, उनकी नजर सामने करीब 200 मीटर खड़े एक शख्स पर पड़ी और उन्होंने गर्दन झुका ली।

जैसे ही छात्र उस शख्स के पास के गुजरे, सभी एक साथ 90 डिग्री पर झुके और बोल पड़े...परम आदरणीय श्रीमान भाई साहब जी, सादर प्रणाम।

मामला कुछ गड़बड लगा तो, इन छात्रों के पीछे हम जूनियर्स के हॉस्टल पहुंच गए। अचानक, हॉस्टल में भगदड़ सी मच गई।

कुछ ही सैकंड में पूरे हॉस्टल में सन्नाट पसर गया। सभी के चेहरों पर खौफ नजर आ रहा था। एक बार सिर्फ सभी 90 डिग्री पर झुके और अपने अंदाज में प्रणाम किया...।
विज्ञापन


तस्वीरों में देखें हीवेट पॉलीक्निक में रैगिंग की दहशत
विज्ञापन
विज्ञापन

ये हाल है राजधानी के रहीम नगर चौराहे पर स्थित सरकारी सहायता प्राप्त हीवेट पॉलीटेक्निक का। यहां हॉस्टल में रह कर पढ़ाई करने वाले करीब 103 छात्र दिन-रात एक खौफ में जी रहे हैं।

ये खौफ सीनियर्स का। न जाने कब और कहां से सीनियर आ धमके और रैगिंग शुरू कर दें। इसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता है।

हीवेट पॉलीटेक्निक में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और आईटी के डिप्लोमा कोर्सेज का संचालन किया जाता है। यहां दो शिफ्ट में पढ़ाई होती है। पहली सुबह 7.30 से डेढ़ और दूसरी दो बजे से आठ बजे तक।

वर्तमान सत्र में दोनों शिफ्टों में करीब 420 छात्रों ने प्रथम वर्ष में दाखिला लिया है। इनमें से करीब 103 छात्र कैंपस में संचालित हॉस्टल में रहते हैं।

रैगिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट, शासन और प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद भी यहां के जूनियर छात्र लगातार परंपरा के नाम पर उत्पीड़न को झेल रहे हैं।

कैम्पस के बाहर रहने वाले छात्रों को कुछ मामलों में छूट मिल भी जाती है, लेकिन, हॉस्टल वालों को सीनियर्स के आदेश मजबूरी बन गए हैं।

जीरो कटिंग, थर्ड बटन पोजीशन
प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले हर छात्र साफ निर्देश है कि वह जीरो कटिंग ही कराएगा। एक सीनियर छात्र ने बताया कि जूनियर कभी बेल्ट और जींस का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

इसके अलावा, जूनियर्स के सीनियर छात्रों के सामने से निकलने की तरीका भी तय है। सीनियर्स को देखते ही सभी जूनियर को थर्ड बटन पोजीशन (गर्दन झुकी कर शर्ट की तीसरी बटन पर नजर) पर ही देखने के निर्देश हैं।

इतना ही नहीं, सीनियर्स के पास से गुजरने पर 90 डिग्री पर झुककर प्रणाम भी करना अनिवार्य है। एक जूनियर छात्र की मानें तो, इन निर्देशों का पालन न करने का मतलब सिर्फ पिटाई होती है।

ragging

फोन पर जारी होते है निर्देश
रैगिंग रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से एक टीम बनाई गई है। ये टीम रात करीब 9.30 बजे तक यहां पहरा देती है लेकिन रैगिंग का सारा खेल इसके बाद ही शुरू होता है।

एक छात्र ने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को फोन पर निर्देश जारी किए जाते हैं। आमतौर, ये निर्देश रात 9.30 बजे के बाद ही जारी होते हैं। रात में आदेशों का पालन न करने का मतलब है पिटाई और कपड़े उतार कर छत पर परेड।


तीन छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल
हॉस्टल के छात्रों में सीनियर्स का इतना खौफ है कि वह यहां से निकलना ज्यादा बेहतर समझते हैं। 15-16 अगस्त को हॉस्टल में रहने आए तीन छात्र इसे छोड़ चुके हैं।

वहीं, दो ने तो दाखिले के बाद रैगिंग से तंग आकर यहां पढ़ने से इनकार कर दिया। एक जूनियर छात्र ने बताया कि यहां अमूमन गरीब घरों से बच्चे आते हैं।

ऐसे में आमतौर पर छात्र रैगिंग के डर से लौटने के बजाए, उसे झेलना ज्यादा बेहतर समझते हैं। रैगिंग का ये खेल परंपरा के नाम पर कॉलेज में सालों से चल रहा है। फ्रेशर्स पार्टी यानी 14 फरवरी तक जूनियर्स को इसे सहना पड़ेगा।

कॉलेज में एंटी रैगिंग सेल काम कर रही है। चार शिक्षक लगातार छात्रों पर नजर रखते हैं। कुछ दिनों पहले दो छात्रों द्वारा रैगिंग किए जाने की बात सामने आई थी। इस पर कार्रवाई करते हुए दोनों छात्रों को सस्पेंड भी कर दिया गया। जल्द ही, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए असलहे वाले गार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है।
विनोद कुमार, प्रिंसिपल, हीवेट पॉलीटेक्निक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed