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रैगिंग: सीनियर छात्रों का फरमान, जीरो मशीन से कटवाओ बाल, शर्ट के तीसरे बटन को देखकर चलना

Sun, 29 Sep 2019 11:04 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 29 Sep 2019 11:04 AM IST
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Ragging In Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences from MBBS students of new semester
लोहिया संस्थान में इस तरह दिखे छात्र। - फोटो : amar ujala

जीरो नंबर मशीन से बने बाल और शर्ट के तीसरे बटन तक झुकीं नजरों के साथ कतार में चलते छात्र...। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शनिवार को एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के सभी छात्र इसी तरह नजर आए।

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इनके बाल जीरो नंबर मशीन से बने हुए थे। एक भी छात्र के बाल बढ़े हुए नहीं थे। सभी शर्ट की तीसरी बटन देखकर पंक्ति में चल रहे थे। इससे संस्थान में रैगिंग की आशंका गहरा गई है।
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आरोप है कि फर्स्ट ईयर के करीब 200 छात्रों को ऐसा फरमान सीनियर मेडिकोज ने जारी किया था। हालांकि संस्थान प्रशासन इसे रैगिंग करार न देते हुए अनुशासन बता रहा है। लोहिया संस्थान में पिछले साल भी रैगिंग का मामला सामने आया था। तब चार छात्र निलंबित हुए थे।
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लोहिया संस्थान में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के बैच में करीब 200 छात्र हैं। इन सबके बाल जीरो नंबर मशीन से बने हुए हैं। किसी भी छात्र के बाल बड़े नहीं हैं। एक छात्र ने पूछने पर बताया कि सीनियर छात्रों के निर्देश पर सभी छात्रों के बाल छोटे कराए गए हैं। इसके अलावा तीसरे नंबर का बटन देखते हुए कैंपस में पंक्ति बनाकर चलने का फरमान जारी हुआ है।

इन दोनों निर्देशों का पालन नए बैच के छात्र कर रहे हैं। बहुत कम ही छात्र हैं जो गर्दन ऊपर करके कतार में चलते हैं। बाकी सभी नीचे गर्दन किए जीरो कट बाल स्टाइल में ही चल रहे हैं।  हालांकि, बाद में वह छात्र अनुशासन के तहत ऐसा कराए जाने की बात कहने लगे।

केजीएमयू में भी सामने आया था मामला

केजीएमयू में रैगिंग की शिकायत हर साल होती रही है। पिछले साल रैगिंग करते हुए केजीएमयू के छात्रों का वीडियो वायरल हुआ था। ये सड़क पर चलते हुए सलामी कर रहे थे। इस मामले में छह छात्रों को निलंबित किया गया था।

वहीं, नए छात्रों की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को हटाकर जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि, जांच के बाद आर्थिक दंड लगाकर मामले को खत्म कर दिया गया था। इस साल भी सत्र शुरू होते ही रैगिंग की शिकायत मिली।

मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई, लेकिन जांच में शिकायतकर्ता मुकर गए। इस पर चीफ प्रॉक्टर ने सुबह-शाम दोनों वक्त हॉस्टल की जांच का आदेश जारी कर दिया। रैगिंग करने वाले छात्रों को बाहर निकालने की धमकी दी गई। लगातार की गई सख्ती की वजह से अभी तक रैगिंग नहीं हो पाई है।

आशंका इसलिए... पहले भी हो चुकी है रैगिंग

लोहिया संस्थान में पिछले साल भी रैगिंग का मामला सामने आया था। कुछ छात्रों ने एंटी रैगिंग की केंद्रीय सेल पर मेल से शिकायत की थी। इस पर तत्कालीन निदेशक ने चार छात्रों को निलंबित कर दिया था। हालांकि, माफी मांगने पर इन्हें बहाल कर दिया गया था।

पिछले दिनों कर्मचारियों एवं छात्रों के बीच हुई मारपीट के दौरान भी रैगिंग की बात सामने आई थी। प्रथम वर्ष के छात्रों ने आरोप लगाया था कि हॉस्टल से एकेडमिक ब्लॉक जाते वक्त कर्मचारी भी टिप्पणी करते हैं। वे रैगिंग जैसा ही व्यवहार करते हैं।

छोटे बाल रखना अनुशासन
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. विक्रम का कहना है कि रैगिंग की कोई शिकायत नहीं मिली है। छात्रों का छोटे बाल रखना एक अनुशासन के रूप में देखा जाता है।

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