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रायबरेली: घूसखोरी में रेल कोच फैक्ट्री के दो अफसरों समेत तीन गिरफ्तार, चश्मों की आपूर्ति के लिए मांगी रिश्वत

Mon, 07 Oct 2024 07:25 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 07 Oct 2024 07:25 AM IST
सार

Rail Coach Factory: रायबरेली के लालगंज स्थित रेल कोच फैक्ट्री के अफसरों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह रेल कोच फैक्ट्री में सेफ्टी चश्मों की आपूर्ति के लिए पैसों की मांग कर रहे थे। 

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Rae Bareli: Three arrested including two officers of Rail Coach Factory in bribery, were demanding bribe for s
रायबरेली रेल कोच कारखाना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सीबीआई, मुंबई की टीम ने रायबरेली के लालगंज स्थित मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री के चीफ डिपो मेटीरियल सुप्रीटेंडेंट रंजीत यादव, वार्ड अफसर अरविंद कुमार और बाहरी व्यक्ति रिंकू कुमार को घूसखोरी के आरोप मे छापा मारने के बाद गिरफ्तार कर लिया। तीनों का मेडिकल कराने के बाद लखनऊ लाया गया है, जिन्हें सोमवार को सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। तीनों मुंबई की फर्म से सेफ्टी चश्मों की आपूर्ति के बदले 30 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे।

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बता दें कि रविवार को मुंबई से आई सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की टीम ने मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री समेत आरोपियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापा मारा। टीम ने स्टोर विभाग के दो अधिकारियों रंजीत, अरविंद और उनके साथी रिंकू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका मेडिकल चेकअप कराने के बाद टीम उन्हें लखनऊ लेकर आ गई। 
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सूत्रों के मुताबिक मुंबई के प्रभादेवी स्टेशन के पास राधा मेडिटेक फर्म के प्रोपराइटर अंधेरी निवासी सुधीर सनुगले ने सीबीआई से शिकायत की थी कि उनकी फर्म ने सरकारी विभागों में सेफ्टी चश्मों की आपूर्ति करती है। बीते मई माह में उन्हें रेल कोच फैक्ट्री, रायबरेली में चश्मों की आपूर्ति के लिए ऑनलाइन निविदा के तहत काम मिला था। जिसके बाद जून माह में उन्होंने चश्मे का सैंपल भी भेज दिया था, जिसे एक जुलाई को स्वीकृत कर दिया गया। तत्पश्चात, उन्होंने 16 जुलाई को दो तरह के चश्मों की आपूर्ति कर दी। 
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उन्होंने आरोप लगाया कि आपूर्ति के बाद उनके पास कुछ फोन कॉल्स आईं, जो खुद को फैक्ट्री का चीफ डिपो मेटीरियल सुप्रीटेंडेंट रंजीत, वार्ड अफसर अरविंद और कारपेंटरी एंड टेस्टिंग विभाग के एसपी विश्वकर्मा बता रहे थे और उनके द्वारा की गई आपूर्ति को स्वीकृति देने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने इसे फर्जी कॉल समझकर नजरअंदाज कर दिया।

रिश्वत नहीं मिली तो आर्डर किया निरस्त
उन्होंने सीबीआई को बताया कि इसके बाद 28 अगस्त को उनके पास आपूर्ति किए गए चश्मों की एक किस्म को निरस्त करने का पत्र आया। साथ ही, फिर से रिश्वत देने के लिए फोन आने लगे, जिसमें आर्डर मंजूर करने के लिए जी-पे पर रिश्वत की रकम भेजने को कहा गया। सीबीआई ने उनकी शिकायत को प्रारंभिक जांच में सही पाया, जिसके बाद रंजीत यादव, अरविंद कुमार और रिंकू कुमार के खिलाफ केस दर्ज करके टीम को रायबरेली भेजा गया।


बैंक खाते की भेजी जानकारी
जांच में सामने आया कि सुधीर सनुगले को रिंकू कुमार और जितेंद्र कुमार के खाते में रिश्वत की रकम भेजने को कहा गया। रिंकू कुमार ने अपने बैंक खाते की जानकारी सुधीर को भेजी थी, जिसमें अरविंद को दी जाने वाली रिश्वत की रकम ट्रांसफर करनी थी।

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