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रायबरेली: मृत्यु प्रमाणपत्र में 34 साल पहले मार दी गई देवकली निकली जीवित, शासन ने दिए जांच के आदेश

Tue, 08 Oct 2024 10:09 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, रायबरेली
अमर उजाला संवाद, रायबरेली Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 08 Oct 2024 10:09 PM IST
सार

Fake death certificate: रायबरेली में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक देवकली नाम की महिला ने स्वयं का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का आरोप लगाया। अब इस मामले की जांच हो रही है। 

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Rae Bareli: Devkali, who was killed 34 years ago, turned out to be alive in the death certificate, the governm
Devkali death certificate - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जिले के सलोन ब्लॉक के गांवों में जन्म प्रमाणपत्र स्कैंडल के बाद अब डीह ब्लॉक में मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में भी घालमेल का मामला सामने आया है। इसमें पंचायत स्तर से एक जीवित महिला का 34 साल पहले की तिथि का मृत्यु प्रमाणपत्र बना कर जारी कर दिया गया। देवकली नाम की महिला ने जिंदा होने के बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप लगाया है। सीडीओ अर्पित उपाध्याय ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच डीपीआरओ को सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर गड़बड़ी बरतने के जिम्मेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।

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डीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत बहुतई से संख्या डी-2024: 9-9369-000008 के तहत जारी एक मृत्यु प्रमाणपत्र में देवकली पत्नी भुल्लर की मौत 15 अक्तूबर 1990 में होना दर्शाया गया है। ग्राम पंचायत स्तर से यह प्रमाणपत्र 26 अप्रैल 2024 को जारी किया गया है। मामले में पक्षकार देवकली पत्नी भुल्लर ने सीडीओ से शिकायत में बताया कि वह जीवित है। इसके बावजूद भी 1990 में उसकी मौत दिखाकर 34 साल बाद मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने डीपीआरओ को पत्र जारी कर पूरे मामले की स्वयं के स्तर पर गहन जांच का आदेश दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने वाले जिम्मेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
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जांच में दोनों जन्म प्रमाणपत्र मिले फर्जी
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने जिन दो जन्म प्रमाणपत्रों को संदिग्ध पाया था, वह भी जांच में फर्जी पाए गए हैं। सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर गांव से अभिषेक कुमार सिंह के नाम से बने जन्म प्रमाणपत्र संख्या बी-2023: 9-19456-000340 और ग्राम पंचायत पृथ्वीपुर से सत्यम सोनी के नाम से बने जन्म प्रमाणपत्र संख्या बी-2023: 9-64911-000541 को संदिग्ध मानते हुए जांच का निर्देश दिया गया था।
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प्रमाणपत्र में अभिषेक की जन्मतिथि चंदौली जिले में 12 जून 2006 दिखाकर नौ जुलाई 2020 को उसका जन्म प्रमाणपत्र बनवाया गया था जबकि सत्यम की जन्मतिथि भी चंदौली जिले में ही आठ जुलाई 2008 दिखाकर 17 सितंबर 2020 को पंजीयन कराया गया। जांच में दोनों जन्म प्रमाणपत्र फर्जी मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

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