फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   race for promotion

दिन में तारे दिखा रही ‘सितारे’ की चाहत

Wed, 29 Dec 2021 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Dec 2021 02:03 AM IST
विज्ञापन
race for promotion
सशस्त्र पुलिस के मुख्य आरक्षी अपनी वर्दी पर सितारे सजाने की चाहत में उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नति के लिए इन दिनों महानगर के पीएसी ग्राउंड पर दौड़ लगा रहे हैं। अधेड़ उम्र में 35 मिनट में 3.2 किलोमीटर दौड़ से इन्हें दिन में तारे नजर आ रहे हैं। कोई गिर रहा है तो कोई बेहोश हो रहा है। हाल ये है कि मंगलवार को लंगड़ाता हुआ एक दीवान भी लाठी लेकर ग्राउंड पर दौड़ता नजर आया, जिसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
विज्ञापन

सशस्त्र पुलिस के मुख्य आरक्षियों की उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर पीएसी पद पर प्रोन्नति के लिए 27 से 31 दिसंबर तक महानगर के पीएसी ग्राउंड पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हो रही है। 1608 पदों पर प्रोन्नति के लिए 2412 मुख्य आरक्षियों को दौड़ में शामिल किया गया है। प्रतिदिन करीब पांच सौ मुख्य आरक्षियों को दौड़ के लिए बुलाया जा रहा है। इन सभी की औसत आयु 45 से 55 वर्ष है।
विज्ञापन

सशस्त्र पुलिस के ये मुख्य आरक्षी प्रोन्नति के लिए दौड़ को भेदभाव तो बता रहे हैं, मगर वर्दी पर सितारों की चाहत में दौड़ भी लगा रहे हैं। मंगलवार को एक मुख्य आरक्षी लाठी लेकर लंगड़ाते हुए दौड़ लगाता नजर आया। बताया जा रहा है कि हादसे में इसका एक पैर आंशिक रूप से खराब हो गया है। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। इसे लेकर पदोन्नति की प्रक्रिया में भेदभाव पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भेदभाव पर उठते सवाल
सिविल पुलिस में बिना दौड़ के प्रोन्नति दे दी जाती है। वर्ष 2017 में करीब 4700 आरक्षियों को पदोन्नति देकर मुख्य आरक्षी और फिर वर्ष 2021 में ही कुछ महीने पहले दूसरी पदोन्नति देकर इन्हें उपनिरीक्षक बना दिया गया। दोनों पदोन्नति में दौड़ नहीं कराई गई। पुलिस महकमे में पदोन्नति की व्यवस्था समान होने पर भी पीएसी, सशस्त्र पुलिस व फायर सर्विस में पदोन्नति के लिए दौड़ कराई जाती है। ऐसे में भेदभाव पर सवाल उठते हैं। पीएसी, सशस्त्र पुलिस व फायर सर्विस के जवान कहते हैं कि 40 पार वाले पुलिसकर्मियों को अधिकारी परेड में शामिल होने से छूट दे देते हैं तो फिर पदोन्नति के लिए आखिर उन्हें छूट क्यों नहीं दी जाती।
एक पैर के सिपाही को भी लगानी पड़ी थी दौड़
इसी साल एक अगस्त को महानगर के ही पीएसी ग्राउंड पर पीएसी के हेड कांस्टेबलों की प्लाटून कमांडर पद पर पदोन्नति के लिए दौड़ कराई गई थी। इसमें भी एक पैर के हेड कांस्टेबल को दौड़ा दिया गया था। बीमारी के चलते बरसों पहले डॉक्टरों ने जिसका एक पैर काट दिया था। अब वह लकड़ी के कृत्रिम पैर के सहारे चलता है, मगर पदोन्नति के लिए दौड़ में उसे भी छूट नहीं दी गई थी।
झुलसे दीवान को नहीं मिली मोहलत
मऊ जिलेे में तैनात मुख्य आरक्षी राम नारायण मिश्र पिछले दिनों गैस सिलेंडर फटने से गंभीर रूप से झुलस गए थे। 31 दिसंबर को इन्हें प्रोन्नति के लिए दौड़ में शामिल होना है। मगर उपचार चल रहा है, इसके चलते राम नारायण मिश्र ने कुछ समय बाद दौड़ कराने की मोहलत मांगी थी। मगर मोहलत नहीं दी गई।

प्रोन्नति की चाहत में कई की जा चुकी जान
उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नति का चाहत में दौड़ के दौरान हार्टअटैक से कई मुख्य आरक्षी जान तक गवां चुके हैं। इसी साल अक्तूबर माह में महानगर के पीएसी ग्राउंड पर ही दौड़ के दौरान प्रयागराज के नैनी फायर स्टेशन के चालक मोहनराम गश खाकर गिर गए थे। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पहले भी दौड़ के दौरान ही कई जवानों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed