विदा लेकर बोले कुरैशी, मेरे खिलाफ हुई साजिश
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डॉ. बीएल जोशी के इस्तीफे के बाद से यूपी के कार्यवाहक राज्यपाल के तौर पर काम देख रहे डॉ. अजीज कुरैशी मंगलवार सुबह विदा हो गए।
करीब एक महीने के अपने कार्यकाल में कुरैशी ने तमाम नए ट्रेंड स्थापित किए तो कई विवादित बयान और फैसले देकर सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।
मंगलवार सुबह कुरैशी ने जाते-जाते एक बड़ा बयान दे डाला। कुरैशी बोले, 'मेरे खिलाफ साजिश की गई। एक विशेष वर्ग ने मेरे खिलाफ मीडिया का इस्तेमाल किया।'
गौरतलब है कि सोमवार शाम ही कुरैशी ने लखनऊ गैंगरेप मामले पर एक विवादित बयान देकर हंगामा खड़ा कर दिया था। 'यूपी में भगवान भी नहीं रोक सकते रेप' वाले बयान पर कुरैशी जाते-जाते कायम रहे।
गैंगरेप पर क्या बोले थे कुरैशी?
बीते दिनों लखनऊ में हुई दरिंदगी की वारदात
पर सरकार का साथ देने की कोशिश में कुरैशी बोल गए थे कि यूपी में दुनियाभर की पुलिस फोर्स लगा दी जाए, तो भी रेप पर लगाम नहीं लगाई जा सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में भगवान भी अवतार लेकर उतर आएं तो भी रेप नहीं रोक सकते। कुरैशी के मुताबिक, यूपी में भगवान भी परिवर्तन नहीं ला सकते हैं।
18 जुलाई को भी कुरैशी ने एक इफ्तार पार्टी में गैंगरेप पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आपने बिरयानी खाई, बेहद लजीज है।'
महामहिम पर दिया था विवादित बयान
राजनीति में कम से कम महामहिम राज्यपाल से शिष्टाचार की उम्मीद की जाती है। ऐसे में कुरैशी ने यहां भी नया ट्रेंड स्थापित किया।
उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक दर्जा देते हुए कह दिया कि पहले के राज्यपालों को ये काम करके जाना चाहिए था। कुरैशी का इस तरह पुराने राज्यपालों को कटघरे में खड़ा करना कई लोगों को गवांर नहीं हुआ।
सोशल मीडिया और टीवी पर कुरैशी के इस बयान की जमकर आलोचना की गई।
सरकार को भी किया था फरमान
कुरैशी ने जनता अदालत लगाकर विपक्ष को बवाल करने का मौका दिया तो सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दीं। उन्होंने बीते दिनों एक अनोखा फरमान जारी किया।
कुरैशी ने यूपी के सभी मंत्रियों और विभागों को निर्देश दिए कि सभी अपने दफ्तरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तस्वीरें लगवाएं।
इससे अखिलेश सरकार के कई मंत्री खासा खफा हो गए थे, लेकिन इस दौरान अखिलेश, कुरैशी और आजम लगातार एक साथ देखे जाते रहे और उनकी गोलबंदी पर सवाल भी उठते रहे।