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शहर पहुंची 'क्वीन ऑफ हार्ट'
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 30 Nov 2013 10:12 AM IST
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दिल के रोगों से जुड़ी जानकारियों को महिलाओं तक पहुंचाने के लिए दिल्ली
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से चली क्वीन ऑफ हार्ट एक्सप्रेस शुक्रवार को लखनऊ पहुंच गई।
इस मौके पर डॉ. आरसी आहूजा ने कहा कि दिल से जुड़ी बीमारियां महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए बड़े अभियान की जरूरत है।
पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के हेड प्रो.पीके गोयल ने कहा कि महिलाओं की जीवनशैली में भी काफी परिवर्तन आए हैं। व्यस्त जीवनशैली के चलते वे स्वास्थ्य को अनदेखा कर देती हैं।
अब जनता में बताना जरूरी हो गया है कि हृदय रोग महज पुरुषों का रोग नहीं रह गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार प्रत्येक चार सेकंड में एक महिला की मृत्यु दिल संबंधी बीमारियों के कारण होती है।
उन्होंने बताया कि क्वीन ऑफ हार्ट की शुरुआत वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर मंडी हाउस से दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने की थी।
ये बस देशभर में तकरीबन 20 हजार किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए दो लाख से ज्यादा लोगों को जानकारी देगी।
उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाओं में हृदय संबंधी बीमारियों के सर्वे में पाया गया कि पिछले 5 वर्षों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में दिल संबंधी बीमारियों में 16 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
(इस खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए नीचे के बॉक्स में कमेट करें, शेयर करने के लिए फेसबुक शेयर बटन पर क्लिक करें)
इस मौके पर डॉ. आरसी आहूजा ने कहा कि दिल से जुड़ी बीमारियां महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए बड़े अभियान की जरूरत है।
पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के हेड प्रो.पीके गोयल ने कहा कि महिलाओं की जीवनशैली में भी काफी परिवर्तन आए हैं। व्यस्त जीवनशैली के चलते वे स्वास्थ्य को अनदेखा कर देती हैं।
अब जनता में बताना जरूरी हो गया है कि हृदय रोग महज पुरुषों का रोग नहीं रह गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार प्रत्येक चार सेकंड में एक महिला की मृत्यु दिल संबंधी बीमारियों के कारण होती है।
उन्होंने बताया कि क्वीन ऑफ हार्ट की शुरुआत वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर मंडी हाउस से दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने की थी।
ये बस देशभर में तकरीबन 20 हजार किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए दो लाख से ज्यादा लोगों को जानकारी देगी।
उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाओं में हृदय संबंधी बीमारियों के सर्वे में पाया गया कि पिछले 5 वर्षों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में दिल संबंधी बीमारियों में 16 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
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