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पीडब्ल्यूडी का फैसला : ड्रोन कैमरे से होगा गड्ढामुक्ति अभियान का सत्यापन, जीआईएस मैपिंग के साथ होगा यह काम
Wed, 16 Nov 2022 09:21 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 16 Nov 2022 09:21 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी अफसरों का दावा है कि उन्होंने 88 फीसदी सड़कों की पैच मरम्मत कर दी है। वहीं, नवीनीकरण और विशेष मरम्मत में यह प्रगति क्रमश: 45 और 53 प्रतिशत है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में चल रहे गड्ढामुक्ति अभियान का सत्यापन ड्रोन कैमरे के माध्यम से किया जाएगा। सड़कों की जीआईएस मैपिंग कराने के साथ-साथ यह काम होगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी अफसरों का दावा है कि उन्होंने 88 फीसदी सड़कों की पैच मरम्मत कर दी है। वहीं, नवीनीकरण और विशेष मरम्मत में यह प्रगति क्रमश: 45 और 53 प्रतिशत है।
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राज्य में सबसे बड़ा नेटवर्क पीडब्ल्यूडी की सड़कों का ही है। इनकी कुल संख्या 1 लाख 14 हजार 475 और कुल लंबाई 2 लाख 76 हजार 42 किमी है। इनमें पैच मरम्मत के लिए कुल 59572 किमी, नवीनीकरण के लिए 10973 किमी और विशेष मरम्मत के लिए 11 हजार 918 किमी सड़कों को चुना गया है।
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इतनी बड़ी मात्रा में सड़कों पर रखरखाव मद में हुए शत प्रतिशत कामों का सत्यापन टीमें भेजकर कर पाना मुमकिन नहीं है। इसलिए सत्यापन में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल होगा। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कामों की जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) मैपिंग कराई जाए, जिससे सड़क की वास्तविक स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक काम में पारदर्शिता हमारा लक्ष्य है। इसलिए सड़कों पर हुए काम का सत्यापन ड्रोन कैमरों से कराने का फैसला किया।