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केंद्र सरकार से 'हवा' में मंजूर करवा ली 27 करोड़ की सड़क, महाराजगंज में पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की कारस्तानी

Sat, 20 Jun 2020 09:57 AM IST
शाहरुख खान अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 20 Jun 2020 09:57 AM IST
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PWD engineers fraudulently got Rs 27 crore road pass from central government In Maharajganj
फाइल फोटो
बस्ती जिले में कागजों पर ही 300 से ज्यादा सड़कें बनी दिखाकर 40 करोड़ हड़पने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक और कारस्तानी महाराजगंज में सामने आई है। केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजमार्ग का एक ऐसा हिस्सा निर्माण के लिए मंजूर करा लिया, जोकि मौके पर है ही नहीं। 
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एस्टीमेट में इसकी लागत 27 करोड़ रुपये दिखाई गई है। इस प्रकरण में दोषी इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मामला महराजगंज में एनएच-730 के रामनगर से सिसवा बाबू सेक्शन का है। 
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यहां वर्ष 2017 में 21.12 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए 206.12 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार को भेजी गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 21.12 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए 185.18 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी। 
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इसी आधार पर टेंडर भी हो गया। हालांकि हकीकत में सड़क के इस भाग की लंबाई कुल 18.39 किलोमीटर ही है। इस तरह से एस्टीमेट में 2.73 किलोमीटर सड़क ज्यादा दिखाई गई। इस तरह से डीपीआर गलत प्रस्तुत की गई। ज्यादा दिखाए गए इस हिस्से की लागत 26.9432 करोड़ रुपये दर्ज की गई। 
 

इस लागत राशि को हड़पने के लिए ही न सिर्फ यह पूरा खेल किया गया, बल्कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से उसकी मंजूरी भी ले ली गई।  इस कारनामे को करने वाले इंजीनियर राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 के नियम-3 के उल्लंघन के दोषी हैं। 

इसमें सेवा से बर्खास्तगी तक का प्रावधान है। गौरतलब है कि इसी तरह से बस्ती में हवा में सड़क बनाकर रकम हड़पने के मामले का भी अमर उजाला ने खुलासा किया था। इस मामले में सरकार के आदेश पर एक एक्सईएन को बर्खास्त किया गया, जबकि अन्य कई इंजीनियरों के खिलाफ जांच की कार्रवाई चल रही है। 

एनएच-730 पर निर्माण प्रक्रिया से संबंधित किसी गड़बड़ी या जांच के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।-आरआर सिंह, विभागाध्यक्ष एवं मुख्य अभियंता (एनएच), पीडब्ल्यूडी
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